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नववर्ष की प्रथम सुबह विशाल दिव्य सत्संग सम्पन्‍न हुआ

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बड़ी संख्या में ब्रह्माकुमारीज़ के भाई-बहन सम्मिलित हुए
नीमच : दि. 1.1.26, ‘‘नया वर्ष मनाना तभी सार्थक है जब हम अपनी निजी चेकिंग कर अपनी कमी, कमजोरी व दुखी व अशान्त करने वाले संस्कारों को परिवर्तन कर नये दिव्य आध्यात्मिक संस्कार धारण करें तथा स्वयं के द्वारा की गई अपनी भूलों व गलतियों से सबक सीखकर आगे के लिए अभूल बनें ।’’ ये उद्‌गार ब्रह्माकुमारी संस्थान की सबझोन संचालिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने नववर्ष की प्रथम सुबह विशाल सद्‌भावना सभागार में आयोजित दिव्य सत्संग को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किये । इस अवसर पर संस्थान के सबझोन निदेशक बी.के.सुरेन्द्र भाई ने सबको नववर्ष की शुभकामनाऐं देते हुए कहा कि – ‘‘हमें आने वाली स्वर्णिम नई दुनिया, नवयुग की तैयारी करनी है तो हमें अपने अन्दर देवताई संस्कार धारण कर उस दुनिया में जाने के योग्य खुद को बनाना होगा । सबसे पहले यह आवश्यक है कि हमारे मन, वचन, कर्म द्वारा किसी को भी दुख ना पहुंचे । हम सुख के सागर शिव परमात्मा के रूहानी बच्चे हैं तो हमें सबको सुख देना है… हमें सर्व को दुआऐं देना है और दुआऐं अर्जित करना है, यही हमारी सच्ची-सच्ची कमाई हैं । दुआऐ हमारे जीवन में रक्षाकवच का कार्य करती है। जिससे अनेकानेक व्याधियों व परेशानियों से हमारा बचाव होता है । हमें अपने अनादि आत्म स्वरूप में स्थित होकर ब्रह्मलोक के वासी निराकार शिव पिता परमात्मा का सदैव ध्यान लगाते हुए उनकी स्मृति में ही हर कर्म करना है, क्योंकि कर्म का ही हिसाब किताब होता है । अत: कर्मों के प्रति सदैव सजग रहना है ।’’
नववर्ष के ब्रह्ममुहुर्त्त में 3.30 बजे से ही राजयोग की गहन तपस्या का कार्यक्रम रखा गया, जिसमें बड़ी संख्या में ब्रह्मावत्सों ने भाग लिया । इस अवसर पर सभी ने परमात्मा शिवबाबा से प्रतिज्ञा कर अपने स्‍वपरिवर्तन का दृढ़ संकल्प धारण किया । कार्यक्रम के अंत में राजयोग ध्यान के माध्यम से सर्वशक्तिवान परमात्मा को ब्रह्माकुमारी बहनों द्वारा महाभोग स्वीकार करवाया गया तथा सभी को यह दिव्य महाभोग वितरित किया गया ।

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राजयोग का निरंतर अभ्यास नशा मुक्त बना देता है – सविता बहन

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राजयोग का निरंतर अभ्यास नशा मुक्त बना देता है – सविता बहन
नशा मुक्त भारत अभियान के तहत स्वयंसेवकों का प्रशिक्षण सम्पन्न
नीमच : दि. 27.6.26, ‘‘राजयोग मेडिटेशन का निरंतर अभ्यास व दिव्य सत्संग निश्चित रूप से नशा मुक्त कर देता है, इसके प्रमाण स्वरूप सारे विश्वग में लाखों लोगों ने किसी भी प्रकार के नशे की लत से छुटकारा पाया है । नीमच में भी नशा मुक्ति केन्द्र के अन्तर्गत भर्ती होने वाले नशे के आदी रोगियों को निरंतर राजयोग मेडिटेशन से बहुत लाभ पहुंचा और वे नशा मुक्त होकर अच्छा जीवन यापन कर रहे हैं ।’’ उपरोक्त विचार ब्रह्माकुमारी संस्थान की सबझोन संचालिका राजयोगिनी बी.के.सविता दीदी ने नशामुक्त भारत अभियान के तहतजिला पंचायत भवन में आयोजित जिला स्तरीय वॉलंटियर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्यक्त किये । इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्नव स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रमुख व्यक्ति एवं जिले के अन्य प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी आदि उपस्थित थे । इस कार्यक्रम की ट्रेनर ब्रह्माकुमारी श्रुति बहन ने नशे के दुष्प्रभावों से जागरूक करते हुए चेताया ‍कि ‘‘न सिर्फ नशे के रोगियों पर हम ध्यान दें बल्कि जो आने वाली बाल व युवा पीढ़ी है इनको भी जागरूक करना होगा । हावर्ड युनिवर्सिटी की रिसर्च में यह पाया गया कि युवा पीढ़ी जल्दी नशे की और आकर्षित होती है, अत: इनको बचाने के सामाजिक उपायों के साथ साथ आध्यात्मिक उपाय भी नितांत आवश्यक हैं।’’ श्रुति बहन ने एक जानकारी देते हुए बताया कि भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 24 जून को ब्रह्माकुमारी संस्था को लिखे अपने एक पत्र में ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा चलाये जा रहे नशामुक्त भारत अभियान की सफलता की कामना करते हुए कहा कि ‘‘ब्रह्माकुमारीज आध्यात्मिक जागरूकता, मूल्य आधारित शिक्षा, ध्यान तथा जन जागरूकता अभियान के माध्यम से नशा मुक्ति के संदेश को देश भर के विद्यालयों, महा विद्यालयों, गांव-गांव में तथा समाज के हर समुदाय तक पहुंचा रही है । प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में ब्रह्माकुमारीज़ के इस महान नशामुक्ति अभियान से जुड़े सभी स्वयं सेवकों तथा नागरिकों को सफलता की शुभकामनाऐं दी ।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में अन्य संस्थाओं ने भी अपने विचार व्यक्त किये ।

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हर घड़ी को अंतिम घड़ी समझ पुण्य कर्म करो – मातेश्वरी की शिक्षा

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मातेश्वरी सरस्वती के 61वें पुण्य स्मृति दिवस पर बड़ी संख्या में ब्रह्मावत्स जुटे
नीमच : दि. 24 जून अन्तर्राष्ट्रीय शांतिदूत ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की प्रथम मुख्य प्रशासिका मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती के 61 वें स्मृति पुण्य दिवस पर ज्ञान मार्ग स्थित विशाल सद्भावना सभागार में कार्यक्रम आयोजित किया गया । यह कार्यक्रम ब्रह्ममुर्हूत्त से ही प्रारंभ हो गया । इस प्रात: कालीन आध्यात्मिक समागम में बहुत बड़ी संख्या में नीमच के ब्रह्मावत्सों ने भाग लिया । इस समागम में राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने अपने संबोधन में कहा कि ‘‘मातेश्वहरी जगदम्बा मम्मा ने परमात्मा की हर आज्ञा को शिरोधार्य कर अपने स्वरूप को उन शिक्षाओं के अनुसार ढाला । मातेश्व री मम्मा हमेशा ध्यान दिलाती थी कि हर घड़ी को अपनी अंतिम घड़ी समझ कर हर कर्म करें तो सदैव सुकर्म ही होंगे। आपने अपने दिव्य चाल चलन और चरित्र से लाखों ब्रह्मावत्सों के सामने उदाहरण प्रस्तुत किया एवं उनकी हर समस्या का समाधान भी दिया ।’’
लगभग दो घंटे चले इस विशाल आध्यात्मिक समागम में सामुहिक राजयोग ध्यान एवं सत्संग के साथ ही महाभोग का आयोजन भी रखा गया । कार्यक्रम के अंत में सभी को आत्म स्मृति का तिलक लगाकर महाभोग प्रसादी वितरित की गई ।

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राजयोग मानसिक व शारीरिक रूप से स्वस्थ बनाता है – सविता दीदी

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राजयोग मानसिक व शारीरिक रूप से स्वस्थ बनाता है – सविता दीदी
नीमच : ‘‘जहाँ एक और योग और प्राणायाम का अपना महत्व है वहीं दूसरी और राजयोग मेडिटेशन अपने आप में शारिरीक, मानसिक व बौद्धिक विकास के लिए संपूर्ण योग है । योग का अर्थ है दो का मिलन, राजयोग में चैतन्य आत्मा का सर्वशक्तिवान परमात्मा से मिलन होता है, जिससे व्यक्ति का निजी, पारिवारिक व सामाजिक जीवन सुख, शान्ति सम्पन्न होकर चरित्र को भी उचांईयां प्रदान करता है । उक्त विचार ब्रह्माकुमारी संस्थान की सबझोन संचालिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने ‘पावन धाम’ के विशाल सद्भावना सभागार की विशाल छत पर ठंडी शीतल बयार में संध्या से रात्रि तक चली गहन राजयोग तपस्या के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्यक्त किये । इस राजयोग तपस्या कार्यक्रम में दो घण्टे से अधिक संपूर्ण एकाग्रता व गहन शांति के अनुभवों के साथ बड़ी संख्या में ब्रह्मावत्सों ने शिरकत की । बी.के.सविता दीदी द्वारा आत्मस्मृति का तिलक प्रदान किया गया तथा बी.के.सुरेन्द्र भाई ने माउण्ट आबू के प्रसाद से सभी का मुंह मीठा करवाया । कार्यक्रम का संचालन बी.के.श्रुति बहन ने किया ।

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Brahma Kumaris Neemuch