Connect with us

Neemuch City

सिंगोली में राजयोग साधना केन्द्र का भव्य शुभारंभ एवं विशाल वाहन रैली निकाली गई

Published

on

राजयोग मेडिटेशन जीवन जीने की सहज एवं सुंदर कला है– सविता दीदी

 

सिंगोली के इतिहास में इतना सुसभ्य अनुशासित आध्यात्मिक समागम आज तक नहीं देखा– पूर्व विधायक

दि.10.3.19,          “वर्तमान कलियुग समापन के इस चरम वातावरण में और भयानक सामाजिक, प्राकृतिक एवं विश्व–देशीय परिस्थितियों में राजयोग मेडिटेशन व्यक्ति को हर परिस्थिति में अपने आपको समायोजित कर सरल, सहज और खुशहाल जीवन जीने का विश्वास उत्तपन्न करता है । सिंगोली के लिए राजयोग साधना केन्द्र एक अनमोल ईश्वरीय वरदान सिद्ध होगा ।” उक्त विचार नीमच जिले  की सिंगोली तहसील में राजयोग साधना केन्द्र के शुभारंभ अवसर पर आयोजित विशाल आध्यात्मिक समागम को सम्बोधित करते हुए अन्तर्राष्ट्रीय  ब्रह्माकुमारी संस्थान की सबझोन संचालिका राजयोगिनी बी.के.सविता दीदी ने व्यक्त किये । पूर्व विधायक व जैन समाज के एक सशक्त स्तंभ दुलीचन्द जी जैन ने अपने संबोधन में कहा कि सिंगोली के लिए ये परम सौभाग्य है कि इतने छोटे स्थान पर इतनी विशाल अन्तर्राष्ट्रीय संस्था ब्रह्माकुमारी ने तनाव मुक्ति के लिए राजयोग साधना केन्द्र का प्रकल्प उपलब्ध करवाया है, इतनी शालीनता, सुसभ्यता और भारतीय संस्कृति से ओतप्रोत एैसा आयोजन सिंगोली में मैंने पहली बार देखा है तथा यह चमत्कार देखकर अभिभूत हूँ कि 25-26 वर्षा से ब्रेन कैंसर झेल रहे व्यक्ति को खुशहाल रूप में इस मंच का संचालन करते हुए देख पा रहा हूँ अवश्य ही राजयोग की शक्ति महान होगी । आप इस कार्यक्रम के सूत्रधार एवं संचालक ब्रह्माकुमारी संस्थान के नीमच एरिया डायरेक्टर राजयोगी बी.के.सुरेन्द्र जैन के बारे में विशाल जनसभा में उपस्थित लोगों को बता रहे थे । कार्यक्रम की शुरूआत में नीमच की कु. वैदिका गेहलोत ने सुंदर स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया तत्पश्चात सिंगोली के नवीन राजयोग साधना केन्द्र की प्रभारी राजयोगिनी बी.के.महानन्दा दीदी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया तथा मीना दीदी ने सभी को आत्म स्मृति का चंदन तिलक प्रदान किया । कार्यक्रम की विशिष्ट अतिथि नगर परिषद सिंगोली की अध्यक्षा श्रीमती सुनिता राजकुमार मेहता ने सिंगोली नगर में रायजोग केन्द्र की स्थापना के लिए ब्रह्माकुमारी संस्थान का कोटिश: आभार व्यक्त किया एवं कहा कि मैं स्वयं भी राजयोग साधना का लाभ अवश्य लूंगी साथ ही नगरवासियों से भी आव्हान करूंगी कि वे इस सुअवसर का लाभ लें और अपने जीवन को तनाव मुक्त बनाए । इस अवसर पर नगर के सुविख्यात समाजसेवी एवं विभिन्न समाजों के प्रमुख जिनमें सर्व श्री घीसालाल जी पटवा, श्री प्रकाश जी नागौरी, श्री जिनेन्द्र जी पितलिया, श्री राधेश्याम पालीवाल आदि ने भी संबोधित कर साधना केन्द्र की सफलता हेतु शुभकामनाऐ व्यक्त की । कार्यक्रम का सर्वाधिक आकर्षणमय दीप प्रज्जवलन कार्यक्रम एवं विशाल जनसमुदाय द्वारा खड़े होकर सर्वशक्तिवान परमात्मा के सम्मान में ध्यान और विश्व शांति का आव्हान किया गया । इस दीप प्रज्जवलन कार्यक्रम में सभी मंचासीन अतिथियों के अलावा श्री प्रकाश गांधी, डॉ. सरफराज हुसैन, हीरालाल धाकड़, राजेन्द्र कुमार जैन, अतुल कुमार मेहर, रामलाल धाकड़, हरीश शर्मा, मोहनलाल धाकड़, अजीत जैन, मुकेश माहेश्वरी आदि अनेक प्रमुख लोगों जिनमें व्यापारी, पत्रकार, चिकित्सक, समाजसेवी, किसान, शिक्षाविद् आदि बुद्धिजीवी वर्ग ने सम्मिलित होकर इस कार्यक्रम की सफलता में सहयोग दिया । सर्वाधिक सुखद पल जब सभी को महसूस हुआ कि कार्यक्रम संचालक बी.के.सुरेन्द्र जैन एवं राजयोगिनी सविता दीदी के आव्हान पर व्यसन मुक्ति एवं नशा अथवा गुटखा छोड़ने हेतु विप्र समाज के एक प्रतिष्ठित व्यक्ति द्वारा गुटखे का त्याग कर मंच पर ही गुटखे के पाउच सविता दीदी के श्रीचरणों में समर्पित किये और शपथ ली की आजीवन में नशा मुक्त रहकर और एक उच्च स्तरीय राजयोगी साधक बनकर ही समाज को सकारात्मक संदेश दूंगा।  अंत में आभार प्रदर्शन राजयोग साधना केन्द्र की स्थापना में प्रमुख रूप से सक्रिय एवं सहयोगी पूर्व शिक्षा अधिकारी छोगालाल सगीतला ने किया । उपस्थित सभी जनसमुदाय ने राजयोग साधना केन्द्र का अवलोकन किया एवं गहन शांति अनुभूति कक्ष का दर्शन कर पवित्र प्रसाद भी प्राá किया । इस आध्यात्मिक समागम की शुरूआत के पूर्व नगर में लगभग 1 किलोमीटर लम्बी विशाल वाहन रैली निकाली गई जिसमें सवार सैंकड़ों राजयोगी साधकों ने शिवध्वज लहराते हुए सभी नगर वासियों को शांति एवं सद्भावना का संदेश दिया ।

Advertisement

Neemuch City

हर घड़ी को अंतिम घड़ी समझ पुण्य कर्म करो – मातेश्वरी की शिक्षा

Published

on

By

मातेश्वरी सरस्वती के 61वें पुण्य स्मृति दिवस पर बड़ी संख्या में ब्रह्मावत्स जुटे
नीमच : दि. 24 जून अन्तर्राष्ट्रीय शांतिदूत ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की प्रथम मुख्य प्रशासिका मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती के 61 वें स्मृति पुण्य दिवस पर ज्ञान मार्ग स्थित विशाल सद्भावना सभागार में कार्यक्रम आयोजित किया गया । यह कार्यक्रम ब्रह्ममुर्हूत्त से ही प्रारंभ हो गया । इस प्रात: कालीन आध्यात्मिक समागम में बहुत बड़ी संख्या में नीमच के ब्रह्मावत्सों ने भाग लिया । इस समागम में राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने अपने संबोधन में कहा कि ‘‘मातेश्वहरी जगदम्बा मम्मा ने परमात्मा की हर आज्ञा को शिरोधार्य कर अपने स्वरूप को उन शिक्षाओं के अनुसार ढाला । मातेश्व री मम्मा हमेशा ध्यान दिलाती थी कि हर घड़ी को अपनी अंतिम घड़ी समझ कर हर कर्म करें तो सदैव सुकर्म ही होंगे। आपने अपने दिव्य चाल चलन और चरित्र से लाखों ब्रह्मावत्सों के सामने उदाहरण प्रस्तुत किया एवं उनकी हर समस्या का समाधान भी दिया ।’’
लगभग दो घंटे चले इस विशाल आध्यात्मिक समागम में सामुहिक राजयोग ध्यान एवं सत्संग के साथ ही महाभोग का आयोजन भी रखा गया । कार्यक्रम के अंत में सभी को आत्म स्मृति का तिलक लगाकर महाभोग प्रसादी वितरित की गई ।

Continue Reading

Neemuch

त्रिदिवसीय तनाव मुक्त खुशहाल जीवन शैली केम्प का समापन सम्पन्‍न

Published

on

By

त्रिदिवसीय तनाव मुक्त खुशहाल जीवन शैली केम्प का समापन सम्पन्‍न
विधायक सहित अनेकानेक गणमान्य नागरिकों ने शिविर का लाभ लिया
नीमच : दि. 29.10.25 ‘‘सारे दिन में हम कितनों से मिलते हैं, लेकिन हम अपने आप से क्या कभी मिल पाते हैं, हम दूसरों से सम्बन्ध तो मधुर बनाने का प्रयास करते हैं, किन्तु हमें अपने आप से सम्बन्ध बनाने के लिए समय भी नहीं है.. समझ भी नहीं है.. न तो हम अपने मन को समझ पाते हैं और हर बात के लिए मन को दोषी ठहरा देते हैं, जबकि सबसे अच्छा दोस्त हमारा मन ही हो सकता है । लेकिन मन को तो हमने दुश्‍मन बनाके रखा है । इन सब नासमझियों का एक ही कारण है कि हम स्वयं को देह मानकर जीवन जी रहे हैं। जबकि वास्तविकता तो ये है कि ‘मैं’ अर्थात ही एक चैतन्य शक्ति आत्मा.. आत्मा का ज्ञान न होने से ही देह अभिमान के कारण ही हम और हमारी कर्मेन्द्रियां काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार के वशीभूत हो जाती हैं । जब आत्मा का सत्य ज्ञान प्राप्त हो जाता है तो आत्मा के मूल गुण ही सुख, शांति, प्रेम, आनन्द, पवित्रता, ज्ञान और शक्ति है, और इन्हीं गुणों की तलाश में मानव दर-दर भटक रहा है । राजयोग मेडिटेशन हमें ज्ञान के इन मूल तत्वों से अवगत करवाता है और परमात्मा से सम्बन्ध स्थापित करके सुख, शांति, आनन्द के खजानों से भरपूर बना देता है’’ उपरोक्त विचार हर हाल में खुशहाल शिविर के तीसरे व अंतिम दिन विश्‍व विख्यात प्रेरक वक्‍ता प्रो.ई.वी.गिरीश ने व्यक्त किये । प्रोफेसर गिरीश ने शिविर के अंतिम सत्र में राजयोग मेडिटेशन के विधि विधान से अवगत करवाते हुए 15 मिनिट तक अपने शब्दों की कॉमेन्ट्री द्वारा सुख, शांति, प्रेम व आनन्द की गहन अनुभूति भी करवाई ।
अंतिम सत्र के प्रारंभ में प्रोफेसर ई.वी.गिरीश, विधायक दिलीप सिंह परिहार, सिविल जज शोभना मीणा, राजयोगिनी बी.के.सविता दीदी, बी.के.सुरेन्द्र भाई, हार्टफुलनेस ग्रुप के राजमल व्यास, इंजिनियर बी.एल. गौर, पर्यावरण मित्र जगदीश शर्मा आदि ने दीप प्रज्‍जवलित कर सत्र का शुभारंभ किया। विधायक दिलीप सिंह परिहार ने सत्र के शुरू में अपने उद्‌बोधन में ब्रह्माकुमारी संस्थान के मानव उत्थान की की दिशा में विश्‍व व्यापी प्रयासों की सराहना की । शिविर के मध्यकाल में बी.के.सविता दीदी ने कॉमेन्ट्री देकर राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास करवाया। कार्यक्रम का संचालन बी.के.श्रुति बहन ने किया तथा आभार प्रदर्शन बी.के.सुरेन्द्र भाई ने किया ।

Continue Reading

Neemuch

सेकेण्डरी स्कूल के 800 विद्यार्थियों को ‘डिजिटल डिटॉक्स’ कार्यक्रम देकर प्रो.गिरीश ने लाभान्वित किया

Published

on

By

मोबाईल, टीवी के एडीक्शन से सचेत कर छात्रों को लक्ष्य प्राप्ति के लिए जागृत किया
नीमच : दि. 28.10.25 ‘‘हम सारे दिन में जो भी अच्छा या बुरा लगातार करते हैं मस्तिष्क उसको नहीं जानता किन्तु उन कार्यों को आगे के लिए सरल करता जाता है और ब्रेन एक इनसाईड पाथ वे बना देता है, यही हमारी एडिक्शन अर्थात आदत बन जाती है । यदि रात को थक कर रिलेक्‍स होने के ल‍िए मोबाईल देखकर सोना चाहते हैं तो ब्रेन रिलेक्स होने के बजाए सुपर एक्टिव हो जाता है तथा रात्रि को नींद के लिए आवश्यक हारमोन ‘मेलाटॉनिन’ का बनना एकदम कम कर देता है, जिससे आगे चलकर अनिद्रा की बीमारी बढ़ती चली जाती है । स्क्रीन की ब्लू लाईट आंखों पर दुष्प्रभाव डालती है जिसका मस्तिष्क पर भी बहुत बुरा असर होता है ।’’ उपरोक्त जानकारियाँ सेकेण्डरी स्कूल 800 से अधिक विद्यार्थियों को दो सेशन के कार्यक्रमों में प्रोफेसर ई.वी.गिरीश ने अपने उद्‌बोधन से प्रदान की ।
प्रोफेसर गिरीश ने हंसी और खेल खेल में विद्यार्थियों को ‘मार्शमेलो इफेक्ट’ से अवगत करवाया जिसमें खाने की स्वादिष्‍ट मिठाई देकर आत्म नियंत्रण का परीक्षण किया गया । कुछ ने तुरंत खाई, कुछ ने थोड़े समय बाद लेकिन कुछ विद्यार्थिंयों ने आत्मनियंत्रण रखकर पुरूस्कार जीतने तक नहीं खाई । इन सभी का कुछ वर्षों बाद सर्वे करने पर पता चलता है कि आत्म नियंत्रण वाले विद्यार्थी सर्वाधिक सफल पाए गए । उनका आत्मनियंत्रण मेडिटेशन के परिणाम स्वरूप था ।
प्रोफेसर ई.वी.गिरीश ने आज की पीढ़ी के स्वभाव को समझाते हुए बताया कि ये वर्ग इंस्टेंट ग्रेटिफिकेशन अर्थात परिणाम चाहे जो हो उनके मन को तत्काल संतुष्टि चाहिए, इसीलिए फास्ट फूड, विभिन्‍न प्रकार के नशे के आदि होकर अपने जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं । आपने सभी विद्यार्थियों को शार्प मेमोरी का खेल खिलाते हुए 15 चीजों के नाम सुनाऐ जिन्हें अपने ब्रेन में नोट कर रिपीट करना था, किन्तु उसमें कोई विद्यार्थी पास नहीं हुआ, तब प्रोफेसर गिरीश ने इन्हीं चीजों को एक छोटी सी स्टोरी से जोड़कर सुनाया तो लगभग सभी विद्यार्थी उन चीजों के नाम दोहराने में सफल हुए । आपने लोकप्रिय ओटीटी प्लेटफार्म नेटफ्लिक्स के सी.ई.ओ. का उदाहरण देकर बताया कि नेटफ्किक्स की सबसे बड़ा प्रतिद्वंदी नींद है, इसलिए अपने एपिसोड एैसे बनाते हैं जिससे अगले एपीसोड का बेताबी से इंतजार रहता है । और इस प्रकार सोश्यल मिडिया हमारे स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है । प्रोफेसर गिरीश ने सबको सावधान करते हुए समझाया कि आज की छात्र पीढ़ी के लिए स्कूलों में आध्यात्मिक कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी जानी चहिए, क्योंकि हर विद्यार्थी स्कूल से मिला सबक उम्रभर याद रखता है ।
एक रिसर्च का हवाला देकर प्रो.गिरीश ने बताया कि ब्रह्ममुहुर्त्त में 3.30 बजे से 4.30 बजे के मध्य मस्तिष्क में बेस्ट हार्मोन्स उत्सर्जित होते हैं । यदि उस समय जागृत अवस्था में मेडिटेशन किया जाए तो स्वास्थ्य को बहुत लाभ मिलता है । इस कार्यक्रम में सम्मिलित होने वाले कार्मल कान्वेंट और क्रिएटिव माइण्ड स्कूल के लगभग 800 सेकेण्डरी विद्यार्थियों से प्रोफेसर गिरीश ने गुरूदक्षिणा के रूप में पांच वचनों की मांग की जिसमें पहली अपनी माँ से रोज एक बार प्यार से लिपट जाना, दूसरा अपने पापा के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लेना, तीसरा रात को सोते समय और सुबह उठते समय परमात्मा का स्मरण कर उनसे गुडनाईट और गुडमार्निंग करना, अपने स्कूल के शिक्षकों और स्टॉफ से आदर पूर्वक नमस्ते करना तथा पांचवा अपने छोटे भाई बहनों से लड़ाई झगड़ा न करके प्यार से व्यवहार करना ..।
कार्यक्रम का संचालन बी.के.श्रुति बहन ने किया तथा अंत में सभी को पवित्र प्रसादी प्रदान की गई ।

Continue Reading

Brahma Kumaris Neemuch