राजयोग की है ये कमाल  .. ब्रेन ट्यूमर में भी खुशहाल..

 

नीमच :  दि. 1 फरवरी -2019  सन् 1993 में ब्रह्माकुमारी संस्थान के प्रमुख सेवक राजयोगी बी.के.सुरेन्द्र भाई ब्रेन ट्यूमर जैसी घातक बीमारी से पीड़ित हुए । डॉ. एल.बी.एस. चौधरी एवं डॉ. किशोर नरूला आदि ने तब उनका चेकअप कर उन्हें अहमदाबाद रेफर किया । जहां शाह कैंसर हास्पिटल में  लगभग  माह तक भर्ती करके सुप्रसिद्ध न्यूरो सर्जन डॉ. पी.आर.ठाकोर, डॉ. पंकज एम.शाह, डॉ. सचिन अल्मेल, डॉ. भारत जे. पारिख, डॉ.आशा एस. आनन्द आदि की टीम ने  लगातार प्रयास करके उनकी चिकित्सा की । किन्तु ब्रेन में 9 से अधिक ट्यूमर होने के कारण बीमारी नियंत्रण में नहीं आ पाई और धीरे–धीरे बी.के.सुरेन्द्र भाई की हालत बिगड़ती गई । उनके शरीर के बायें हिस्से पर  लकवा हो गया । आंखों से दिखाई देना और जबान से बोलना  लगभग समाप्त सा हो गया । सारा शरीर शिथिल पड़ गया एवं गर्दन बांईं और झुककर कंधे से चिपक गई । तब थक हार कर सभी डॉक्टर्स ने यह कहकर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी कि अब किसी भी ईलाज से इनका ठीक हो पाना संभव नहीं है । अब आप केवल ईश्वर से प्रार्थना करें, एैसी स्थिती में सुरेन्द्र भाई अपनी देह त्याग का मन बनाकर ब्रह्माकुमारी संस्थान के मुख्यालय माउण्ट आबू लौटे और वहीं रहकर राजयोग मेडिटेशन के निरंतर अभ्यास से अपनी पीड़ाओं पर नियंत्रण करके अपनी देह त्याग का इंतजार करने लगे । किन्तु 1 फरवरी 1994 को एक चमत्कारी घटना हुई जब माउण्ट आबू स्थित ओम शान्ति भवन के विशाल हॉल में लगभग 5000 लोगों की उपस्थिति में ब्रह्माकुमारी संस्थान की वरिष्ठ  राजयोगिनी दादी हृदयमोहिनी जी के तन में स्वयं भू निराकार परमपिता परमेश्वर शिवबाबा की प्रवेशता हुई एवं जब उनके सम्मुख बी.के.सुरेन्द्र भाई को तीन चार लोग  उठाकर मंच पर ले गए तभी मंच पर एक दिव्य प्रकाश उनको अपने मस्तिष्क पर महसूस हुआ और वे लड़खड़ाकर नीचे गिर गए कुछ समय पश्चात्  ब्रह्माकुमारी संस्थान की तत्कालिन मुख्य प्रशासिका आदरणीया प्रकाशमणि दादी जी ने सुरेन्दर भाई कहकर जब पुकारा और उनके मस्तक पर परकाया प्रवेशित परमात्मा द्वारा प्रदत्त पीला  गुलाब  लगाकर घुमाया तो सुरेन्द्र भाई अचानक हड़बड़ाकर बिना किसी सहारे के एक झटके से खड़े हो गए । उनकी गर्दन टेढ़ी से बिल्कुल सीधी हो गई एवं बिना किसी दवाई के उत्तरोत्तर वे स्वस्थ होते चले गए तथा 1 फरवरी 2019 को जब इस चमत्कारी ईश्वरीय अनुकम्पा के 25 वर्ष पूर्ण हुए तो ब्रह्माकुमारी संस्थान के ज्ञान मार्ग स्थित विशाल सद्भावना सभागार में एक सिल्वर जुबली  का संक्षिप्त  समारोह सम्पन्न हुआ जिसमें राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सविता बहनजी के नेतृत्व में 25 ब्रह्माकुमारी बहनों ने सुरेन्द्र भाई को बधाईयां दी एवं दीप प्रज्जवलन करके केक सेरेमनी की गई तथा सभा में बड़ी संख्या में उपस्थित बी.के.भाई बहनों ने सुरेन्द्र भाई का अभिनन्दन किया । इस अवसर पर भाजपा विधायक दिलीपसिंह परिहार, वरिष्ठ पत्रकार एवं कांग्रेस के प्रादेशिक महासचिव सुरेन्द्र सेठी आदि ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाकर सुरेन्द्र भाई को शुभकामनाए दी । अंत में सभी को पवित्र प्रसाद भी वितरित किया गया ।

55 बालब्रह्मचारी ब्रह्माकुमारों का दल नीमच पहुंचा

 

नीमच : 13.01.2019           अंतराष्ट्रीय शांतिदूत ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के ज्ञान मार्ग, नीमच स्थित ‘ज्ञान सागर’ परिसर में उमंग, उत्साह एवं हर्ष का माहौल व्यापक हो गया जब माउण्ट आबू से एक साथ 55 बाल ब्रह्मचारी राजयोग तपस्वियों का दल नीमच पहुंचा । इस दल में 20 वर्ष से 60 वर्ष तक की आयु के ब्रह्माकुमार राजयोगी भाई सम्मिलित  थे जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन त्याग, तपस्या एवं विश्व सेवा के मार्ग पर समर्पित कर दिया । इनके आगमन पर ब्रह्माकुमारी संस्थान की सबझोन संचालिका राजयोगिनी बी.के.सविता दीदी एवं एरिया डायरेक्टर बी.के.सुरेन्द्र भाई के नेतृत्व में अनेक ब्रह्मावत्सों ने पुष्प वर्षा कर सभी का आत्मिय अभिनन्दन किया तथा चन्दन का तिलक प्रदान कर पुष्प गुच्छ भेंट किये । इस अवसर पर आयोजित सभा में बी.के.सविता दीदी ने कहा कि “राजयोग तपस्या का मार्ग एवं तन, मन तथा सम्बंधों की संपूर्ण पवित्रता की शक्ति ही सारे विश्व को परिवर्तन करके नई सतयुगी सृष्टि की स्थापना में मददगार सिद्ध होगी । आपने सभी राजयोग तपस्वियों से आग्रह किया कि वे संपूर्ण ज्ञान सागर परिसर के प्रत्येक स्थल पर अपने पवित्र कदम अवश्य रखें ।” बी.के.सुरेन्द्र भाई ने सभी 55 बाल ब्रह्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि “सारा विश्व आज दुख, अशांति, तनाव, आतंकवाद, सांप्रदायिकता एवं हथियारों की होड़ से विनाश के कगार पर आ पहुंचा है, एैसे में असहाय मानवता उस सर्वशक्तिवान परमात्मा को मदद के लिए पुकार रही है, किन्तु अज्ञानवश राजयोग की पावन राह जिससे तत्काल प्रभुमिलन होता है उसे पहचान पाने मे अक्षम है । हम सबका दायित्व है कि हम सारे विश्व के अपने ही भूले भटके भाई–बहनों को सुख, शांति एवं आनन्द की पवित्र राह दिखाकर उन्हें राजयोग के मार्ग पर प्रेरित करें ।” सभा के पश्चात सभी ब्रह्मचारी तपस्वियों ने पवित्र ब्रह्माभोजन ग्रहण करके नीमच निवासी भाई–बहनों का आभार प्रकट किया एवं अपने शैक्षणिक यात्रा भ्रमण के अगले मुकाम की और दोपहर में प्रस्थान किया ।

सेवा के क्षैत्र में नि:स्वार्थ भाव और त्याग, तपस्या होनी चाहिए–बी.के.सूर्य

संबंधों का महत्व ज्यादा है, न कि अहंकार अथवा डिग्री का…

नीमच :  दि. 25.12.18                                                     मानव मनोविज्ञान के गहन ज्ञाता, मानस महर्षि, संकल्प सिद्ध योगी, बी.के.सूर्य भाई ने पांच दिवसीय नीमच जिले के प्रवास के अन्तिम दिन अपनी निद्रा व भोजन त्याग, तपस्या और दिन रात की मेहनत से पांच दिन कि अथक सेवा देने वाले ब्रह्माकुमारी संस्थान के सेवाधारी भाई बहनों से विशेष मुलाकात करके उन्हें सम्बोधित किया एवं राजयोग मेडिटेशन की गहन अनुभूति करवाकर उनकी सारी थकान उतार दी एवं आनन्द से सारोबार कर दिया । आपने कहा कि “वर्तमान समय अनेक संस्थानों व संगठनों में देखा जा रहा है कि सेवा के क्षैत्र में स्वार्थ अथवा नाम, मान, शान की चाहना प्रवेश कर गई है । किन्तु यह बहुत गौरव की बात है कि ब्रह्माकुमारी संस्थान के विश्व व्यापी केन्द्रों में जो लाखों भाई बहन सारे विश्व की सेवा कर रहे हैं उनका नि:स्वार्थ मानव प्रेम, सद्भावना, और त्याग, तपस्या का भाव स्तुत्य है । आज केवल एकमात्र यह संस्थान है जिसके सदस्य अपने ही तन, मन, धन, जन व सम्बन्ध, संपर्क सहित सेवा में समर्पित हैैं और न किसी भी प्रकार का दान, दक्षिणा, चंदा अथवा शुल्क वसूला जाता है । इस कार्यक्रम में राजयोगी सूर्य भाई सा., बी.के.गीता दीदी एवं लोकप्रिय टीवी एंकर बी.के.रूपेश कुमार का संस्थान के अनेकानेक सदस्यों एवं जिले के पदाधिकारियों द्वारा भावभीना सम्मान समारोह भी सम्पन्न किया गया । सूर्य भाई के इस अंतिम समापन एवं सम्मान समारोह की पूर्व संध्या पर नीमच नगर के विशिष्ट एवं मध्यम वर्ग के आमंत्रित लोगों के लिए सर्व समस्याओं के समाधान की टिप्स बताने वाले कार्यक्रम ‘समाधान’ का आयोजन सम्पन्न हुआ । इस कार्यक्रम का शुभारंभ स्पेशल जिला जज श्री आर.पी.शर्मा, सी.आर.पी.एफ. के आई.जी.श्री बी.एस.चौहान, विधायक श्री दिलिप सिंह परिहार, उद्योगपति श्री डी.एस.चौरड़िया, इण्डियन मेडिकल एसो. के अध्यक्ष डॉ. अशोक जैन, संतोष चौपड़ा, डॉ. गिल, विमल जी गोयल एवं जम्बू कुमार जैन सहित संस्थान के प्रमुख पदाधिकारियों ने बी.के.सूर्य भाई सा. के सानिध्य में दीप प्रज्जवलित करके किया ।

इस अवसर पर आई.जी. श्री पी.एस.चौहान ने बताया कि मैं काफी सालों से ब्रह्माकुमारी संस्थान से नजदीक से जुड़ा हुआ हूँ । नियमित तौर पर चाहे न आ पाऊं किन्तु मेरे स्नेह व सहयोग सदा इस संस्थान से जुड़ा रहता है, ब्रह्माकुमारी संस्थान में ज्ञान व सुख, शांति का अथाह स्त्रोत है । और यह संस्था समाज व राष्ट्र के लिए अपना बहुत योगदान दे रही है ।” विधायक श्री परिहार ने कहा “ब्रह्माकुमारी विश्व विद्यालय पूरे विश्व को आध्यात्मिक उर्जा प्रदान कर प्रकाशमान कर रहा है । यहां आकर सच्चा सुख मिलता है । बाहर की दुनिया में तो बेकार की भौतिक दौड़ है, सच्चा सुख व शांति तो इस प्रांगण में आकर सभी को मिल जाती है । कार्यक्रम की प्रेरक वक्ता बी.के.गीता दीदी ने जोशिले अन्दाज से सबको समझाया कि हम परमात्मा को या तो आपत्तिकाल में या स्टेपनी की तरह यूज करते है । किन्तु यदि सर्वशक्तिवान परमात्मा के सत्य स्वरूप को पहचानकर उसे अपनी जीवन रूपी गाड़ी का स्टेयरिंग बना लें तो जीवन में दुख रूपी कांटे से गाड़ी पंचर ही ना हो । आपने पारिवारिक सम्बन्धो में जो दूरियां बढ़ रही है उसके समाधान हेतु अनेकानके सहज, सरल टिप्स बताऐ । समाधान के ‘टॉक शो’ में विभिन्न टीवी कार्यक्रमों के पापुलर एंकर बी.के.रूपेश कुमार ने नीमच जिले के लोगों द्वारा एस.एम.एस. अथवा व्हाट्सएप तथा रूबरू उपस्थित होकर जो प्रश्न लिखकर दिये उनके राजयोगी बी.के.सूर्य भाई सा. से समाधान के सरल टिप्स पूछे । राजयोगी सूर्य भाई सा. ने अनेक उदाहरणों के प्रत्यक्ष प्रमाण सभी के सम्मुख रखकर बताया कि यदि हम अपनी दिनचर्या को सेट करके चलें, प्रात:काल जल्दी उठें और उठते ही यदि केवल 10 मिनिट राजयोग मेडिटेशन का प्रयोग कर अपने संकल्पों को रचनात्मक उर्जा प्रदान कर प्रतिदिन के लिए एक पवित्र लक्ष्य निर्धारित कर सारे दिन की दिनचर्या व्यतीत करें और रात्रि शयन के पूर्व भी केवल 10 मिनिट अपने आप को दें तो राजयोग ध्यान के वे अनमोल पल आपकी जिन्दगी को संवार देंगे साथ ही  तनाव, दुख अशांति, डिप्रेशन, कलह, क्लेश संबंधों में कटुता और अनेकानेक मानसिक व शारिरीक बीमारियों से सहज मुक्त हो सकेंगे । कार्यक्रम का संचालन संस्थान के एरिया डायरेक्टर बी.के.सुरेन्द्र ने किया इस कार्यक्रम के समापन पर अधिकांश लोगों ने बी.के.सूर्य भाई सा. को अपनी स्नेह  पाश में बांधकर घेर लिया  और अपनी अनेकानेक निजी समस्याओं का हल पूछकर बड़े प्रफुल्लित हुए ।  सभी आपस में यही चर्चा करते हुए सभागार से बाहर निकले कि सचमुच एैसा उपयोगी एवं व्यवहारिक कार्यक्रम अब तक और कहीं नहीं मिल पाया । सभी लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से अपनी समस्याओं का समाधान पाकर बहुत खुश थे एवं कार्यक्रम के निर्धारित समय से डेढ़ घण्टा अधिक हो जाने पर भी पूरा समय जमे रहे । अंत में सभी को पवित्र प्रसाद के पैकेट प्रदान किये गए ।

 

कमजोर मन समस्या उत्पन्न करता है, शक्तिशाली मन समाधान करता है– बी.के.सूर्य

ब्रह्माकुमारीज़ के ‘समाधान’ कार्यक्रम में सैंकड़ों की संख्या में मनासा का श्रेष्ठी वर्ग सम्मिलित हुआ

नीमच :  दि. 23.12.18                                      एक हजार से अधिक कुर्सियों और विशाल स्टेज से सज्जित पाण्डाल ‘समाधान’ कार्यक्रम की शुरूआत में ही खचाखच भर गया । अनेकानेक लोगों ने पाण्डाल के आसपास खड़े होकर कार्यक्रम का लाभ लिया।  बिल्कुल ठीक समय प्रात: 10.30 बजे कार्यक्रम के संचालक ब्रह्माकुमारी संस्थान के एरिया डायरेक्टर बी.के.सुरेन्द्र भाई ने कार्यक्रम की शुरूआत कर दी, किन्तु जब मानस मर्मज्ञ महर्षि, संकल्प सिद्ध राजयोग तपस्वी, चुटकी में हर प्रकार की समस्या का समाधान बताने वाले  माउण्ट आबू से पधारे ब्रह्माकुमार सूर्य भाई के साथ ही लोकप्रिय टीवी एंकर बी.के.रूपेश कुमार और प्रेरक वक्ता राजयोगिनी बी.के.गीता दीदी ने जब पंजाबी धर्मशाला के विशाल पंडाल में प्रवेश किया तो सभी ने खड़े होकर जोरदार करतल ध्वनि से त्रिमूर्ति अतिथियों का स्वागत किया । कार्यक्रम की शुरूआत 3 मिनिट प्रभु का ध्यान लगाकर हुई, तत्पश्चात अतिथियों का  स्वागत, सत्कार हुआ । मंच संचालक बी.के.सुरेन्द्र भाई ने दीप प्रज्जवलन हेतु मनासा के अति. जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री अखिलेश कुमार, चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट श्री दिनेश देवड़ा, न्यायीक मजिस्ट्रेट श्री धर्मकुमार, मनासा के नवनिर्वाचित विधायक अनिरूद्ध माधव मारू, नगर पंचायत अध्यक्ष यशवन्त सोनी, व्यापारी संघ के अध्यक्ष आशीष सारड़ा, पंजाबी समाज के अध्यक्ष चिमनलाल वधवा, पोरवाल समाज के अध्यक्ष दिलीप पोरवाल, समाज सेवी शिखरचंद जैन, कैलाश सोनी आदि सभी ने राजयोग तपस्वी बी.के.सूर्य भाई सा. के सानिध्य में दीप प्रज्जवलित किये एवं सारी सभा ने खड़े होकर विश्व शांति की ज्योति जगाने की प्रार्थना में भाग लिया । ‘समाधान’ कार्यक्रम की प्रथम वक्ता राजयोगिनी बी.के.गीता दीदी ने अपने प्रेरक वक्तव्य में ‘समाधान’ कार्यक्रम की वैश्विक उपलब्धियों से सभी को अवगत करवाया एवं अपने जोश–खरोश से भरपूर उद्बोधन में सभी को प्रेरणा दी कि समस्याओं से घबराए नहीं, हर समस्या का समाधान अवश्यसंभावी है । इसके पश्चात् “टॉक शो’ के रूप में समाधान कार्यक्रम की प्रस्तुति जब प्रारंभ हुई तो सारा पाण्डाल खुशियों की तालियों से गूंज उठा । लोकप्रिय टीवी एंकर और आध्यात्मिक टीवी सीरियल्स के स्टार रूपेश कुमार ने मनासा एवं आसपास की जनता द्वारा एस.एम.एस. और व्हाट्सएप के माध्यम से पूछे गए प्रश्नों का सिलसिलेवार बी.के.सूर्य भाई जी से समाधान पूछा । अनेकानेक प्रश्नों का बड़ा ही सुंदर, सहज समाधान बताते हुए सूर्य भाई सा. ने छोटे छोटे टिप्स सभी को समझाऐ और कहा कि जब हर ताले  की चाबी हो सकती है तो हर समस्या का समाधान भी आपके ही हाथ में है । आपने कहा “आज के मनुष्य का मन दिनोंदिन कमजोर होता चला जा रहा है क्योंकि आत्मा के तीनों प्रमुख अंग मन, बुद्धि, संस्कार को चार्ज करने की किसी को भी फुर्सत नहीं । हम पचासों लोगों से रोज मिल लेंगे लेकिन  अन्र्तमुखी होकर हमें अपने आप से मिलने की मोहलत नहीं । आपने वैज्ञानिक ढंग से बहुत छोटी छोटी बातें समझाई जिनको अनदेखा कर आज का इंसान खुद अपने लिए अनेकानेक समस्याए खड़ी कर लेता है। समस्याओं की उत्पत्ति कमजोर मन से होती है और यदि हम प्रतिदिन सुबह और शाम 10-10 मिनिट भी अपने आप से बातें करके और सर्वशक्तिवान पिता परमात्मा से योग bगाकर मन को शक्तिशाली बना लें तो कोई समस्या रह ही नहीं सकती । आपसी टॉक शो के बाद सभा में उपस्थित अनेक लोगों ने प्रश्नोत्तर काल का लाभ लेकर अपनी निजी, पारिवारिक और सामाजिक समस्याओं का समाधान पाया । “समाधान’ कार्यक्रम का आलम यह था कि आयोजन का समय पूर्ण होने के बाद भी कोई श्रोता उठने को तैयार नहीं था और यह कार्यक्रम अनेक लोगों के प्रश्न पूछकर समाधान लेने से लंबा खिंचता चला गया । कार्यक्रम का संचालन बहुत सटीक टिप्पणियों और शेरो शायरी के अंदाज में बी.के.सुरेन्द्र भाई ने किया तथा आभार प्रदर्शन संस्थान की सबझोन संचालिका बी.के.सविता दीदी ने किया ।

जीवन के अंधेरों से घबराना नहीं, ज्ञान के उजालों में आगे बढ़ते रहना है– बी.के.सूर्य

‘जिन्दगी बने आसान’ कार्यक्रम में नगर के हर वर्ग के 1000 से अधिक व्यक्तियों ने लाभ लिया

नीमच :  दि. 23.12.18                                      “चिन्तन को बदलें, व्यवहार को बदलें तो जीवन यात्रा सुखों का भण्डार बन जाऐगी । अधिकतर लोग अपने बीते हुए कल का बोझ सिर पर रखकर चलते हैं जो बीत गया उसे बदला नहीं जा सकता । भूतकाल को याद कर हम अपना वर्तमान और भविष्य भी बरबाद कर रहे हैं । सबको यह ज्ञात रहे कि दिमाग पर बोझ रखकर जीने से तनाव बढ़ता रहेगा और अनेक बीमारियां आती जाएेंगी , अपनी बुद्धि का बोझ अपने प्यारे परमपिता परमात्मा को देेकर हल्के बनो । यदि व्यक्ति ही कर्ता बना रहेगा तो परमात्मा जो सर्वशक्तिवान है वो आपके कार्य में क्यों दखल देगा इसलिए भक्ति, पूजा, पाठ तो बहुत किया अब उस शिव भोलानाथ के निराकार स्वरूप को पहचानकर और अपने चैतन्य आत्म स्वरूप को जानकर राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कर परमात्मा को अपना साथी बनाओ और अपने दायित्व सर्वशक्तिवान की मदद से पूरे करो ।” जीवन आसान बनाने के उपरोक्त उपाय विश्व प्रसिद्ध संकल्प सिद्ध, राजयोगी, मानस मर्मज्ञ महर्षि, माउण्ट आबू से पधारे बी.के.सूर्य भाई ने सरल शब्दों में सबको समझाए  । आपने कहा कि आध्यात्मिक शैली को जीवन में अपनाकर जीने का नया अंदाज सीखो और नकारात्मक और व्यर्थ को नजर अंदाज करना सीखो, 55 वर्षों से घोर तपस्या में रत बी.के.सूर्य भाई जी ने दिशा–निर्देश देने वाले संकल्पों की कॉमेन्ट­ी करके 10 मिनिट तक विशाल पाण्डाल में उपस्थित सैंकड़ों भाई–बहनों को राजयोग की गहन अनुभूति करवाकर शांति एवं आनन्द से सारोबार कर दिया । सारी सभा मौन, ध्यान के गहन सन्नाटे में डूब गई ।

‘जिन्दगी बने आसान’ कार्यक्रम की प्रेरक वक्ता राजयोग तपस्विनी ब्रह्माकुमारी गीता दीदी ने अपने जोशीले अंदाज मे उद्बोधन देते हुए तनाव मुक्त जीवन के अनेक टिप्स बताऐ और कहा कि “आपकी एक हल्की सी मुस्कुराहट जब आपकी तस्वीर बदल सकती है तो यदि इसे हम अपनी आदत बना लें तो तकदीर भी बदल सकती है । यदि हम मुस्कुराएगे तो हमसे मिलने वाला  भी अवश्य मुस्कुरा देगा । स्माईल को वायरल करते रहो” आध्यात्मिक टीवी चैनल्स के स्टार एवं लोकप्रिय टीवी एंकर एवं आवाज के जादूगर बी.के.रूपेश भाई ने कहा कि “जिन्दगी आसान नहीं होती है उसे आसान बनाना होता है इस हेतु हमें अपना आसन भी बदलना होगा एक राजयोग का ध्यानी जब सुखासन में बैठकर सर्वशक्तिवान का ध्यान करता है तो उसे जीवन सदा सुखद और आसान ही लगता है । कार्यक्रम के संचालक बी.के.सुरेन्द्र ने एक सुंदर राय दी कि यदि हम सब आध्यात्मिक शक्ति लेकर हर परिस्थिति को सेलिब्रेट करना सीख जाएें तो हम सब भी सेलिब्रिटी बन सकते हैं, क्योंकि आजकल सेलिब्रिटी का ही जमाना चल रहा है ।

कार्यक्रम की शुरूआत में बी.के.सूर्य भाई सा. के सानिध्य में ब्रह्माकुमारी संस्थान के वरिष्ठ  पदाधिकारियों सहित स्पेशल  जिला  जज श्री आर.पी.शर्मा, डी.आई.जी. श्री राजीव रंजन कुमार, उद्योगपति श्री डी.एस.चौरड़िया, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. एच.एन.गुप्ता , कावा संस्थान की अध्यक्षा श्रीमती मोनालिका कुमार, श्रीमती सोमबाला  शर्मा आदि ने जीवन ज्योत जगाने की स्मृति से खुशी के दीप प्रज्जवलित किये । इस अवसर पर नेपथ्य में सुन्दर गीत ज्योति जगाओ.. विश्व शांति की ज्योत जगाओ.. बज रहा था और सभी सैकड़ों श्रोताओं ने इस प्रार्थना में खड़े होकर भाग लिया । कार्यक्रम में अनेकानेक गणमान्य नागरिकों सहित सामान्य एवं गरीब वर्ग के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया । अंत में आभार प्रदर्शन राजयोगिनी बी.के.सविता दीदी ने किया ।

Neemuch: आने वाली विकराल परिस्थितियों का सामना करने के लिए स्वस्थिती साक्षी बनाना आवश्यक है – राजयोगी सूर्य भाई

ब्रह्माकुमारी संस्था के 2000 से अधिक भाई–बहनों ने गहन राजयोग तपस्या कर शांति की तरंगे फैलाई,

आने वाली विकराल परिस्थितियों का सामना करने के लिए स्वस्थिती साक्षी बनाना आवश्यक है – राजयोगी सूर्य भाई

ब्रह्माकुमारी संस्था के 2000 से अधिक भाई–बहनों ने गहन राजयोग तपस्या कर शांति की तरंगे फैलाई

नीमच :  दि. 22.12.18    विश्व विख्यात संकल्प सिद्ध राजयोगी, मानस मर्मज्ञ महर्षि, जो चुटकियों में और तत्काल  हर प्रकार की समस्या के समाधान का सहज उपाय बता देते हैं एैसे बाल ब्रह्मचारी राजयोगी सूर्य भाई सा. के नीमच आगमन पर दो दिवसीय गहन राजयोग तपस्या शिविर बंगला नं. 60 के विशाल एवं भव्य पाण्डाल में आयोजित किया गया जिसमें नीमच, जावद, मनासा, रामपुरा, जीरन, मल्हारगढ़, पिपलिया मण्डी आदि ब्रह्माकुमारी केन्द्रों के 2000 से अधिक राजयोगी भाई–बहनों ने भाग लिया । ब्रह्म मुहुर्त में अमृतवेला 3.30 बजे से शुरू होकर संध्या 7.30 बजे तक चलने वा इस अखण्ड राजयोग तपस्या से क्षेत्र का वातावरण शांति, प्रेम व आनन्द के प्रकम्पनों से भरपूर हो उठा । ये सैंकड़ो श्वेत वस्त्रधारी फरिश्ते तपस्या स्थल पर जब आते जाते तो इन्हें देखकर प्रत्येक राहगीर ठिठक सा जाता और उस राह से गुजरने वाला हर व्यकित जब पांडाल के समीप जाकर झांकता तो आश्चर्य चकित हो जाता कि2000 से अधिक लोगों की सभा में भी पूरा पाण्डाल  पिन ड्राप साइलेंस हो कैसे सकता है? किन्तु यह सत्य देखकर वे अचंभित हो जाते और कुछ पल वहीं ठहर कर उस गहन शांति को आत्मसात करने का प्रयास करने लगते । नीमच में यह नजारा अद्भुत था, इस विशाल आध्यात्मिक सभा को सम्बोधित करते हुए राजयोगी सूर्य भाई ने बताया कि “जिस विचार को हम अपने लिए स्वीकार कर लेते हैं चाहे वो नकारात्मक हो या सकारात्मक धीरे–धीरे हमारा वही स्वरूप बनता जाता है । यदि हम प्रभु प्रार्थना में सर्वशक्तिवान एवं वरदाता  परमात्मा के आगे भी अपने जीवन की दुखद घटनायें या अपने नसीब का रोना रोते रहते हैं तो हमारा भविष्य स्वरूप भी और अधिक विकृत होता चला जाता है । इसलिए राजयोग ध्यान पद्धति यह सिखाती है कि मेडिटेशन आत्मा और परमात्मा के सुखद मिलन का स्वरूप है । प्रभु ध्यान के समय हमें सकारात्मक और शक्तिशाली संकल्पों का आव्हान करके ईश्वरीय शक्तियों को अपने अन्दर खींचना है तो हमारा सामान्य जीवन भी आध्यात्मिक शक्तियोंसे सम्पन्न खुशहाल जीवन बन जाएगा ।” आपने कहा  कि “यदि हम परिस्थितियां बदb नहीं सकते तो उनको स्वीकार करके उनके अनुरूप स्वयं को ढालें तो जीवन सहज और सुखमय लगेगा अन्यथा लगातार संघर्ष की स्थिती तनाव और डिप्रेशन को बढ़ाती है ।” इस आध्यात्मिक समागम में माउण्ट आबू से पधारी मोटिवेशनल स्पीकर शिवशक्ति गीता दीदी ने राजयोग तपस्वियों को सलाह दी कि आप राजयोग की शक्तियों का प्रयोग जन कल्याण के लिए करें क्योंकि राजयोग से प्राप्त शक्तियां तनाव को आनन्द में, बीमारी को स्वास्थ्य में, दुखों को सुखों में, समस्या को समाधान में बदल सकती है । आपने सभी ब्रह्मावत्सों को उनकी आध्यात्मिक फरिश्ता, वरदाता स्थिति में स्थित करवाकर ध्यानस्थ स्थिति में चारों दिशा में मुड़कर आध्यात्मिक प्रकम्पनों का प्रसारण करने का अभ्यास करवाया और कहा कि आगामी आने वाली परिस्थितियां भयानक और विकरालहोंगी तो हजारों सुख शांति की प्यासी मनुष्यात्माएं जब आपके पास आए तो वे निराश न लोटें । तपस्या के सांध्यकालीन सत्र में आध्यात्मिक टीवी चैनल्स के लोकप्रिय एंकर बी.के.रूपेश ने अपनी गंभीर एवं गुंजायमान आवाज में गाइडेड कॉमेंट्री देकर सभी को गहन सुख–शांति एवं आनन्द की गहरी अनूभुतियां करवाई  और 2000 से अधिक उपस्थिति वाला पाण्डाल गहरे सन्नाटे में डूब गया । यहां तक कि आस पास के पशु पक्षी भी जैसे शांत और मौन में समाकर शांति की गहरी अनूभुति करने लगे ।

               गहन तपस्या कार्यक्रम की शुरूआत में ब्रह्माकुमारी संस्थान की सबझोन संचालिका बी.के.सविता दीदी एवं एरिया डायरेक्टर बी.के. सुरेन्द्र भाई ने त्रिमूर्ति अतिथियों का स्वागत अभिनन्दन किया तथा उनका आभार भी प्रकट किया ।

1500 से अधिक लोगों ने ब्रह्माकुमारी बहनों से रक्षासूत्र धारण कर सकारात्मक संकल्प लिए

नीमच :  26.8.18 रक्षाबंधन सही अर्थों में सर्वशक्तिवान परमात्मा द्वारा विश्व की सर्व आत्माओं की काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार आदि समस्त विकारों से रक्षा करने का यादगार पर्वहै । जब कलियुग अपनी समापन की स्थिती पर आता है तो निराकार स्वयं भू शिव परमात्मा अपना परमधाम घर छोड़कर परकाया प्रवेश के द्वारा सृष्टि परिवर्तन का अपना दिव्यकर्तव्य करते हैं । इसीलिये वर्तमान समय चल रहे इस दिव्य कर्तव्य के युग को पुरूषोत्तम संगमयुग कहा जाता है और समस्त विश्व में ब्रह्माकुमारी बहनों द्वारा हर स्त्री, पुरूष, बच्चे, बूढ़े सभी को जाति, धर्म, भाषा व सरहदों के भेदभाव से उपर उठकर यह ईश्वरीय  रक्षासूत्र बांधा जाता है और हर रक्षासूत्र धारण करने वाले से आग्रह किया जाता है कि वे नकारात्मकबातों का त्याग कर समर्थ एवं सकारात्मक संकल्प धारण करे ।” उपरोक्त विचार ब्रह्माकुमारी विश्व विद्यालय के ज्ञान मार्ग स्थित सद्भावना सभागार में रक्षाबंधन पर्व पर उपस्थितविशाल जनसमुदाय को संबोधित करते हुए संस्थान की सबझोन संचालिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सविता बहन द्वारा व्यक्त किये गए । इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी संस्थान केनीमच एरिया डायरेक्टर बी.के.सुरेन्द्र भाई ने अपने संबोधन में परमपिता परमात्मा शिवबाबा से रक्षासूत्र धारण कर प्रतिज्ञा करने का महत्व समझाते हुए बताया कि अलौकिक ईश्वरीयशक्तियों से सम्पन्न यह पवित्र रक्षासूत्र धारण करते समय हम जो भी सकारात्मक संकल्प अथवा प्रतिज्ञा धारण करते हैं तो उसके पालन में हमें सर्वशक्तिवान परमात्मा की मददमिलती है अतएव यह रक्षासूत्र संसार के हर धर्म, जाति व हर देश के लोगों को अवश्य स्वीकार करना चाहिए ।

                तत्पश्चात राजयोगिनी सविता दीदी एवं बी.के.मीना बहन ने राजयोग ध्यान तपस्या की गहन स्थिति में बैठकर सर्वशक्तिवान शिवबाबा को पवित्र महाभोग स्वीकार करवायाएवं प्रात: 8 बजे से लेकर प्रात: 12 बजे तक लगभग 1500 भाई बहनों को अलौकिक रक्षाबंधन बांधा गया साथ ही सभी को आत्मस्मृति का तिलक एवं ब्रह्माचारी तपस्वी बहनों के हाथोंसे बनाया गया पवित्र महाभोग भी प्रदान किया गया ।

Neemuch Rakhi Celebration

ब्रह्माकुमारी संस्थान के भाई–बहनों ने गांधी वाटिका में अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर राजयोग का सामुहिक अभ्यास किया

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अन्तर्राष्ट्रीय शांतिदूत ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की नीमच शाखा के 300 से अधिक नियमित सदस्यों ने ब्रह्माकुमारी योग दिवस की पूर्व संध्या पर गांधी वाटिका में विश्व शांति एवं सद्भावना के लक्ष्य को लेकर दो घंटे तक गहन राजयोग तपस्या की । ठण्डी ठण्डी हवा, लाल चमकदार रोशनी और मद्धिम संगीत की धुन के बीच जब श्वेत वस्त्रधारी राजयोगी भाई बहनें ध्यान एवं मौन की तपस्या कर रहे थे तो चारों और का वातावरण, सुखद शांति और आनन्द से लबरेज हो उठा । गांधी वाटिका में सांध्यकालीन वेला में भ्रमण करने वाले लोग या पास की सड़क से गुजरने वाले लोग एकाएक ठिठक गए.. और उनके कदम अपने आप इस गहन शांति की तपस्या कार्यक्रम की और मुड़ गए तथा वे भी ध्यान मौन की गहराईयों में खो गए.. योग तपस्या की गहन शांति और आनन्दमय वातावरण के बीच में पंछियों की चहचहाहट और कलरव जैसे मधुर संगीत की ध्वनि वातावरण में घोल रहा था.. बीच–बीच में ओम ध्वनि एवं सविता दीदी द्वारा रनिंग कमेंट्री करके शक्तिशाली संकल्पों का प्रवाह प्रवाहित करके शांति और आनन्द की अनुभूति को कई गुना बढ़ा दिया । दो घण्टे की इस गहन तपस्या के पश्चात् राजयोगिनी सविता बहन ने विश्व योग दिवस के कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी तथा कार्यक्रम के संयोजक बी.के.सुरेन्द्र भाई ने सभी को 21 जून संध्या 6 बजे से 8.30 बजे तक होने वाले विशाल राजयोग तपस्या के कार्यक्रम हेतु ब्रह्माकुमारी केन्द्र पर आमंत्रित किया जिसमें राजयोग का प्रशिक्षण एवं वीडियो शो के अलावा एक घण्टे तक गहन राजयोग तपस्या के माध्यम से सुख–शांति, प्रेम व आनन्द की दिव्य अनुभूति कमेंट्री के माध्यम से करवाई जाऐगी । इस अवसर पर विशेष महाभोग भी रखा गया है, कार्यक्रम में विश्व शांति की कामना से दीप प्रज्जवलित कर विश्व सद्भावना की प्रार्थना की जाएगी ।