1500 से अधिक लोगों ने ब्रह्माकुमारी बहनों से रक्षासूत्र धारण कर सकारात्मक संकल्प लिए

नीमच :  26.8.18 रक्षाबंधन सही अर्थों में सर्वशक्तिवान परमात्मा द्वारा विश्व की सर्व आत्माओं की काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार आदि समस्त विकारों से रक्षा करने का यादगार पर्वहै । जब कलियुग अपनी समापन की स्थिती पर आता है तो निराकार स्वयं भू शिव परमात्मा अपना परमधाम घर छोड़कर परकाया प्रवेश के द्वारा सृष्टि परिवर्तन का अपना दिव्यकर्तव्य करते हैं । इसीलिये वर्तमान समय चल रहे इस दिव्य कर्तव्य के युग को पुरूषोत्तम संगमयुग कहा जाता है और समस्त विश्व में ब्रह्माकुमारी बहनों द्वारा हर स्त्री, पुरूष, बच्चे, बूढ़े सभी को जाति, धर्म, भाषा व सरहदों के भेदभाव से उपर उठकर यह ईश्वरीय  रक्षासूत्र बांधा जाता है और हर रक्षासूत्र धारण करने वाले से आग्रह किया जाता है कि वे नकारात्मकबातों का त्याग कर समर्थ एवं सकारात्मक संकल्प धारण करे ।” उपरोक्त विचार ब्रह्माकुमारी विश्व विद्यालय के ज्ञान मार्ग स्थित सद्भावना सभागार में रक्षाबंधन पर्व पर उपस्थितविशाल जनसमुदाय को संबोधित करते हुए संस्थान की सबझोन संचालिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सविता बहन द्वारा व्यक्त किये गए । इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी संस्थान केनीमच एरिया डायरेक्टर बी.के.सुरेन्द्र भाई ने अपने संबोधन में परमपिता परमात्मा शिवबाबा से रक्षासूत्र धारण कर प्रतिज्ञा करने का महत्व समझाते हुए बताया कि अलौकिक ईश्वरीयशक्तियों से सम्पन्न यह पवित्र रक्षासूत्र धारण करते समय हम जो भी सकारात्मक संकल्प अथवा प्रतिज्ञा धारण करते हैं तो उसके पालन में हमें सर्वशक्तिवान परमात्मा की मददमिलती है अतएव यह रक्षासूत्र संसार के हर धर्म, जाति व हर देश के लोगों को अवश्य स्वीकार करना चाहिए ।

                तत्पश्चात राजयोगिनी सविता दीदी एवं बी.के.मीना बहन ने राजयोग ध्यान तपस्या की गहन स्थिति में बैठकर सर्वशक्तिवान शिवबाबा को पवित्र महाभोग स्वीकार करवायाएवं प्रात: 8 बजे से लेकर प्रात: 12 बजे तक लगभग 1500 भाई बहनों को अलौकिक रक्षाबंधन बांधा गया साथ ही सभी को आत्मस्मृति का तिलक एवं ब्रह्माचारी तपस्वी बहनों के हाथोंसे बनाया गया पवित्र महाभोग भी प्रदान किया गया ।

Neemuch Rakhi Celebration

ब्रह्माकुमारी संस्थान के भाई–बहनों ने गांधी वाटिका में अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस की पूर्व संध्या पर राजयोग का सामुहिक अभ्यास किया

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अन्तर्राष्ट्रीय शांतिदूत ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की नीमच शाखा के 300 से अधिक नियमित सदस्यों ने ब्रह्माकुमारी योग दिवस की पूर्व संध्या पर गांधी वाटिका में विश्व शांति एवं सद्भावना के लक्ष्य को लेकर दो घंटे तक गहन राजयोग तपस्या की । ठण्डी ठण्डी हवा, लाल चमकदार रोशनी और मद्धिम संगीत की धुन के बीच जब श्वेत वस्त्रधारी राजयोगी भाई बहनें ध्यान एवं मौन की तपस्या कर रहे थे तो चारों और का वातावरण, सुखद शांति और आनन्द से लबरेज हो उठा । गांधी वाटिका में सांध्यकालीन वेला में भ्रमण करने वाले लोग या पास की सड़क से गुजरने वाले लोग एकाएक ठिठक गए.. और उनके कदम अपने आप इस गहन शांति की तपस्या कार्यक्रम की और मुड़ गए तथा वे भी ध्यान मौन की गहराईयों में खो गए.. योग तपस्या की गहन शांति और आनन्दमय वातावरण के बीच में पंछियों की चहचहाहट और कलरव जैसे मधुर संगीत की ध्वनि वातावरण में घोल रहा था.. बीच–बीच में ओम ध्वनि एवं सविता दीदी द्वारा रनिंग कमेंट्री करके शक्तिशाली संकल्पों का प्रवाह प्रवाहित करके शांति और आनन्द की अनुभूति को कई गुना बढ़ा दिया । दो घण्टे की इस गहन तपस्या के पश्चात् राजयोगिनी सविता बहन ने विश्व योग दिवस के कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी तथा कार्यक्रम के संयोजक बी.के.सुरेन्द्र भाई ने सभी को 21 जून संध्या 6 बजे से 8.30 बजे तक होने वाले विशाल राजयोग तपस्या के कार्यक्रम हेतु ब्रह्माकुमारी केन्द्र पर आमंत्रित किया जिसमें राजयोग का प्रशिक्षण एवं वीडियो शो के अलावा एक घण्टे तक गहन राजयोग तपस्या के माध्यम से सुख–शांति, प्रेम व आनन्द की दिव्य अनुभूति कमेंट्री के माध्यम से करवाई जाऐगी । इस अवसर पर विशेष महाभोग भी रखा गया है, कार्यक्रम में विश्व शांति की कामना से दीप प्रज्जवलित कर विश्व सद्भावना की प्रार्थना की जाएगी ।

राजयोग साधना भारत को विश्व गुरू के मुकाम पर पहुंचा देगी –बी.के.सविता दीदी

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नीमच : दि.22 जून-18,               अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस ने सारे विश्व में भारत की संस्कृति और सभ्यता को गौरवान्वित किया है । इस भागीरथी प्रयास में अंतर्राष्ट्रीय शांतिदूत ब्रह्माकुमारी संस्थान का भीबहुत बड़ा योगदान है । इस संस्थान के 140 देशों में फैले हुए नेटवर्क के लाखों अनुयायी अपने ही तन मन धन से राजयोग साधना एवं सत्य ईश्वरीय ज्ञान की ताकत से सारे विश्व को सतयुगी स्वर्ग बनाने की सेवामें दिन रात  लगे हैं और एक दिन अवश्य ही ये श्वेत वस्त्रधारी ब्रह्माकुमारी बहनें एवं भाई प्राचीन भारतीय संस्कृति का परचम सारे विश्व में लहराकर भारत को विश्व गुरू बना देंगे ।” उपरोक्त विचारब्रह्माकुमारी संस्थान के एरिया डायरेक्टर बी.के.सुरेन्द्र भाई ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की संध्या पर देर रात तक चले विशाल राजयोग साधना शिविर को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किये । इस शिविर के अपनेसम्बोधन में राजयोगिनी अंतर्राष्ट्रीय सविता दीदी ने कहा कि राजयोग मेडिटेशन ही सुख–शांति का आधार है एवं तनाव से मुक्त होने की अचूक दवा है । वर्तमान समय सारे विश्व में न सिर्फ तनाव बल्कि क्रोध,डिप्रेशन, अनिद्रा, निराशा, अविश्वास, भय और व्यसनों का बोलबाला है । संसार का प्रत्येक व्यक्ति इस बुराईयों से जूझ रहा है किन्तु यदि प्रतिदिन केवल 10-15 मिनिट भी राजयोग मेडिटेशन का नियमितअभ्यास किया जाए तो अपने जीवन को सुखद शांतिमय बनाया जा सकता है । संध्या 6 से रात्रि 9 बजे तक चले राजयोग साधना शिविर में सविता दीदी ने शक्तिशाली आध्यात्मिक विचारों की कॉमेन्ट्री देकरराजयोग मेडिटेशन का अभ्यास करवाया । इस साधना शिविर की विशेषता यह रही कि  लगातार तीन घण्टे तक सैंकड़ोें राजयोग साधक भाई–बहनें पूरी तल्लीनता एवं एकाग्रता से राजयोग की साधना में लीन थेतथा विश्व शांति, एकता एवं प्रेम के प्रकम्पन सारे विश्व में फैला रहे थे । इस अवसर पर बी.के.सुरेन्द्र भाई ने राजयोग साधना के साथ साथ शारिरीक व्यायाम एवं प्राणायाम की उपयोगिता बताकर हल्की फुल्कीएक्सरसाइज भी करवाई ।

नीमच में नि:स्वार्थ सेवाओं का विस्तार देख प्रसन्नता मिली – महाप्रबन्धक

नीमच में नि:स्वार्थ सेवाओं का विस्तार देख प्रसन्नता मिली – महाप्रबन्धक

ब्रह्माकुमारी संस्थान की महाप्रबन्धक बी.के.मुन्नी दीदीजी का दो दिवसीय नीमच भ्रमण

नीमच : दि . 16.4.18          “ब्रह्माकुमारी संस्थान का परिचय उसके विस्तार अथवा वैभव से नहीं बल्कि नि:स्वार्थ भाव से अपने ही तन, मन, धन से की जा रही मानव सेवाओं केविस्तार से है । आमतौर पर धर्म के नाम पर चन्दा उगाही अथवा मान, शान एवं पद की दौड़ मेंअनेकानेक सेवाभावी संस्थान उलझ कर रह गए हैं किन्तु ब्रह्माकुमारी संस्थान पिछले 82 वर्षों से  शून्य से प्रारंभ होकर 148 देशों में  लगभग 9000 शाखाओं का विस्तार पाकर भी नि:स्वार्थ मानव सेवा के अपने  लक्ष्य पर निरंतर अग्रसर है । किसी भी विवाद से परे रहकरब्रह्माकुमारी संस्थान के लाखों भाई बहन स्वर्णिम भारत की स्थापना में अपना अथक योगदान दे रहे हैं और इसी का एक जीता जागता सबूत नीमच जिले में देखने को मिला, जहाँनीमच केन्ट, नीमच सिटी, बघाना, मनासा, रामपुरा, जावद, जीरन, मल्हारगढ़ एवं पिपलिया मण्डी केन्द्रों के हजारों भाई बहन निरन्तर विभिन्न सेवा कार्यक्रमों के माध्यम से सतत्सेवारत हैं ।” उपरोक्त विचार अंतर्राष्ट्रीय  शांतिदूत ब्रह्माकुमारी संस्थान की महाप्रबन्धक राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी मुन्नी दीदी जी ने अपने नीमच प्रवास पर आयोजित विशालआध्यात्मिक समागम को संबोधित करते हुए व्यक्त किये । आपने नीमच सबझोन से सम्बन्धित सभी केन्द्रों की गतिविधियों की बारिकी से जानकारी ली एवं की जा रही सेवाओं कोदेखकर प्रसन्नता व्यक्त की । बी.के.मुन्नी दीदी जी के नीमच आगमन पर डूंगलावदा हाईवे फंटे पर ब्रह्माकुमारी महानन्दा बहन एवं दिव्या बहन ने स्वागत किया एवं एक छोटे काफिलेके रूप में फव्वारा चौक होकर ज्ञान मार्ग स्थित नीमच के मुख्य केन्द्र ज्ञान सागर परिसर में प्रवेश किया जहाँ सबझोन डायरेक्टर बी.के.सुरेन्द्र भाई एवं सबझोन प्रभारी बी.के.सविताबहन ने तिलक एवं माल्यार्पण से स्वागत किया, साथ ही नन्ही नन्ही बालिकाओं ने एवं उपस्थित जनसमुदाय ने पुष्प वर्षा कर मुन्नी दीदी जी का स्वागत सत्कार किया । शाम कोमुन्नी दीदी जी एवं उनके साथ माउण्ट आबू मुख्यालय से पधारे अन्य भाई बहनों के सम्मान में सदभावना सभागार की विशाल छत पर ठंडी–ठंडी हवाओं की बयार में केण्डल लाईटडिनर का आयोजन किया गया । इस अवसर पर ज्ञान सागर परिसर में एक विशाल आध्यात्मिक समागम आयोजित किया गया जिसमें नीमच सबझोन से सम्बन्धित सभीब्रह्माकुमारी केन्द्रों से पधारे लगभग 1500 भाई–बहनों की विशाल सभा में मुन्नी दीदी जी का अभिनन्दन किया गया । इस अवसर पर विश्व शांति एवं अज्ञान अंधकार दूर हटाने केसंकल्प से दीप प्रज्जवलित किये गए । स्वागत भाषण बी.के.सविता दीदी ने दिया एवं गोल्डन फरिश्ता स्वागत नृत्य बहन वंदना सोनी एवं भावना कस्तुरी से प्रस्तुत किया गया एवंबहन सोनल गुजराती द्वारा “मेरे सदगुरू प्यारे दा दरबार बड़ा सोणा है..” गीत पर सुंदर नृत्य प्रस्तुत किया गया; तत्पश्चात तिलक, पगड़ी, चुनरी एवं विशाल पुष्पमाल से मुन्नी दीदी जीका श्रंगार एवं स्वागत किया गया ।

जावद के इतिहास में पहली बार सभी धर्मों के नेता एक मंच पर एक सुर में बोले

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ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा आयोजित सर्वधर्म सद्भावना सम्मेलन की अभूतपूर्व सफलता

जावद, जिला नीमच : पिछले कुछ वर्षों से जावद नगर में साम्प्रदायिक तनाव की स्थिति बनी रही है जिस कारण हिन्दू अथवा मुस्लिम किसी भी धर्म के पर्व पर यह तनाव स्पष्ट परिलक्षित होता है । सभी स्तरों पर अनेक प्रकार के प्रयास एवं समझाईश देने के बाद भी कोई झुकने को तैयार नहीं एवं स्थिति जस की तस बनी रही, इसी दिशा में अंतर्राष्ट्रीय शांतिदूत ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा एक अत्यन्त सफल प्रयास किया गया । संस्थान के जावद राजयोग साधना केन्द्र द्वारा ‘सर्वधर्म सद्भावना सम्मेलन’ का आयोजन किया गया जिसमें हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन, विश्व हिन्दू परिषद एवं गायत्री परिवार के नगर अथवा जिला प्रमुख धर्माचार्यों से सम्पर्क कर इस सद्भावना सम्मेलन में आमंत्रित किया गया । सभी धर्मों एवं संस्थाओं के प्रमुखों ने सहर्ष इस सम्मेलन में भाग लेने की स्वीकृति प्रदान की और पहली बार जावद के इतिहास में सभी धर्मों के नेता एक मंच पर एकत्रित होकर कार्यक्रम संचालक बी.के.सुरेन्द्र भाई एवं ब्रह्माकुमारी सविता दीदी के आव्हान पर सभी ने हाथोें में हाथ लेकर सद्भावना की एक अटूट श्रंखला बनाई एवं एक सुर में सभी ने जावद नगर में शांति एवं सद्भावना की बहाली का दृढ़ संकल्प लिया । इस अवसर पर सभी धर्मों के अनुयायियों का स्वांग रचकर नन्हें नन्हें बच्चों ने भी धार्मिक एकता एवं सद्भावना का संदेश दिया ।

इस सम्मेलन की शुरूआत कौमी एकता के सुन्दर गीत ‘सबका मालिक एक फिर क्यों बंटा हुआ संसार है.. सच पूछो तो सारी दुनिया अपना ही परिवार है..’ की धुन पर सभी धर्माचार्यों ने शांति एवं सद्भावना के दीप प्रज्जवलित किये तो मंच के सम्मुख उपस्थित सैंकड़ों नगरवासियों ने भी दीप प्रज्जवलित कर एवं हाथ उंचे उठाकर जैसे सद्भावना की दीपावली का दृश्य जीवन्त कर दिया । हर किसी का चेहरा खिला हुआ था । इस सद्भावना सम्मेलन का समर्थन एवं सहयोग परमात्मा एवं प्रकृति ने भी किया जबकि कार्यक्रम के पूर्व हल्की हल्की पानी की फुहार और ठण्डी हवाओं ने सारे वातावरण को सौंधी सौंधी महक से महका दिया । दीप प्रज्जवलन के पश्चात् कु. अवनि ने सुन्दर स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया, इस कार्यक्रम की संयोजिका ब्रह्माकुमारी दिव्या बहन ने स्वागत भाषण प्रस्तुत करने के पश्चात् संस्थान की सबझोन संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी, महानन्दा दीदी एवं श्रुति बहन के सहयोग से सभी मंचासीन धर्माचार्यों का शॉल, श्रीफल एवं गुलदस्ते भेंट कर सम्मान किया गया । तत्पश्चात नन्हें बालकों के एक ग्रुप ने सभी धर्म प्रतिनिधियों का स्वांग रचकर एक सुन्दर सद्भावना नृत्य नाटिका प्रस्तुत की जिसमें कु. रिद्धि टेलर, गुनगुन, परी, प्रीत, आराध्या एवं अनुष्का ने भाग लिया । प्रत्येक धर्म के प्रतिनिधियों जिनमें जैन समाज से श्री नरेन्द्र गांधी, बोहरा समाज से श्री युसुफ भाई, विश्व हिन्दू परिषद से श्री बाबूलाल नागदा, सिख समाज से श्री हरभजन सिंह सलूजा, हिन्दू समाज से श्री रामलाल पाटीदार, मुस्लिम समाज से शहर काजी सैय्यद मोहम्मद आकील भाई, गायत्री परिवार से श्री कमल एरन एवं ईसाई समुदाय से कार्मल कॉन्वेंट स्कूल की प्रिंसीपल सिस्टर जया सीटीसी एवं नगर पंचायत अध्यक्षा श्रीमती सारिका वोरा आदि सभी ने एक सुर में अपने सम्बोधन में मानव मात्र में प्रेम, शांति, एकता एवं सद्भावना की आवश्यकता पर जोर दिया एवं अपने स्तर जावद नगर में सद्भावना बहाली के लिए हर प्रयास करने का दृढ़ संकल्प धारण किया । इसपर सम्मेलन में उपस्थित विशाल जनसमुदाय ने हर्ष ध्वनि कर एवं तालियों की गड़गड़ाहट से सभी धर्माचायों का अभिनन्दन किया । कार्यक्रम की अध्यक्षा राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सविता बहन ने अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में कहा कि “हमें धर्म और जाति की दरो दीवार से उंचा उठकर आध्यात्मिक बनना होगा जिसमें सब धर्मों का सार सुख, शांति, प्रेम एवं सद्भावना समाई हुई है । आपने सभी धर्माचार्यों को धन्यवाद दिया कि जावद नगर में शांति एवं सद्भावना की बहाली के लिए सभी ने हाथ में हाथ लेकर दृढ़ संकल्प धारण किया । कार्यक्रम की अन्तिम कड़ी में बहन वन्दना सोनी एवं सोनम गुजराती ने समय की पुकार है.. शीर्षक से सद्भावना के एक सुन्दर गीत पर एक सुन्दर नृत्य प्रस्तुत कर सभी की वाह वाही और खूब तालियाँ बटोरी । इस कार्यक्रम के संचालक ब्रह्माकुमारी संस्थान के एरिया डायरेक्टर बी.के.सुरेन्द्र भाई ने अपनी सटिक और समसामयिक टिप्पणियों एवं सद्भावना की शेरो शायरी से कार्यक्रम का समां बांधा और देर रात तक चले इस सम्मेलन में जीवंतता बनाए रखी । कार्यक्रम के अंत में सभी धर्माचार्यों को शांति एवं सदभावना के संदेश युक्त साहित्य एवं उपहार प्रदान किये गए तथा उपस्थित विशाल जनसमुदाय मेें प्रत्येक को पवित्र प्रसाद प्रदान किया गया ।

“Lets walk on the path of happiness” program organized by Brahma Kumaris , Neemuch center.

 

Councillor Om Kabra expressed his gratitue to Brahma Kumaris for walking everyone towards a stress free life , and BK Savita shared that when the soul is stabilized in the original religion of peace and purity, life can be lead with happiness in “Lets walk on the path of happiness” program organized by Brahma Kumaris , Neemuch center.
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नीमच : 5 मार्च-2018, “हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई ये सब देह के धर्म हैं जो इंसानों ने समयानुसार बनाए हैं इन्हीं धर्मों में सामंजस्य की कमी के कारण आज सारा विश्व आतंकवाद, हिंसा और अशांति के कगार पर खड़ा है । चारों और विनाश ज्वाला प्रज्जवलित हो रही है किन्तु यदि यह सत्य ज्ञान समझ लिया जाए कि प्रत्येक मनुष्य मूल स्वरूप में एक आत्मा और प्रत्येक आत्मा एक पिता परमात्मा की संतान है, आत्मा का सच्चा स्वधर्म शांति, प्रेम एवं पवित्रता है यदि प्रत्येक आत्मा अपने मूल स्वरूप को पहचानकर शांति, प्रेम और पवित्रता को धारण करे तो प्रत्येक जीवन खुशहाल बन सकता है और सारा संसार जो आज विनाश के कगार पर खड़ा है फिर से स्वर्णिम सतयुगी काल वाला सुख–शांति सम्पन्न विश्व बन सकता है ।” उपरोक्त विचार ब्रह्माकुमारी संस्थान की सबझोन संचालिका राजयोेगिनी ब्रह्माकुमारी सविता बहन ने मूलचंद मार्ग के बंगला नं. 55 में आयोजित ‘आओ खुशियों की राह चलें’ कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किये । इस कार्यक्रम में बी.के.प्राची बहन भी उपस्थित थी कार्यक्रम की शुरूआत में वरिष्ठ कर सलाहकार एच.पी.गर्ग एवं समाजसेवी वासुदेव गर्ग ने पुष्प गुच्छ प्रदान कर ब्रह्माकुमारी बहनों का स्वागत किया । कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित जनता को रनिंग कमेंट्री द्वारा राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास करवाकर गहन सुख–शांति की अनुभूति करवाई गई । नगर पार्षद ओम काबरा ने ब्रह्माकुमारी बहनों को तनावमुक्ति एवं पारिवारिक सद्भावना के सहज सरल उपाय बताने के लिए साधुवाद देते हुए कहा कि यदि इसी प्रकार के और भी कार्यक्रम नगर में हर स्थान पर आयोजित किये जाए और सरल मेडिटेशन के द्वारा सभी सुख शांति की अनुभूति कर पाएें तो नगर के लिए यह वरदान सिद्ध होगा । पार्षद ओम काबरा ने अपने वार्ड में इस सफल कार्यक्रम के लिए सभी का बहुत आभार प्रकट किया ।

नीमच : दि. 25 फरवरी-2018, दो किलोमीटर लम्बी सद्भावना रैली से सारा बघाना क्षैत्र धर्ममय हो उठा

दो किलोमीटर लम्बी सद्भावना रैली से सारा बघाना क्षैत्र धर्ममय हो उठा

 सैकड़ों स्वागत द्वार बनाकर कदम कदम पर पुष्प वर्षा एवं शीतल पेय से रैली का स्वागत हुआ

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 नीमच : दि. 25 फरवरी-2018,                           “सबका मालिक एक..फिर क्यों बंटा हुआ संसार है.. सच पूछो तो सारी दुनिया अपना ही परिवार है…” के उद्घोष के साथ ही विधायक दिलीप सिंह परिहार, जिलाभाजपा अध्यक्ष हेमन्त हरित, ब्रह्माकुमारी संस्थान के एरिया डायरेक्टर बी.के. सुरेन्द्र एवं संस्थान की सबझोन संचालिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सविता बहन एवं अन्य प्रमुख ब्रह्माकुमारी बहनों द्वारासामुहिक रूप से शिवध्वज लहराकर ‘सर्वधर्म सद्भावना यात्रा’ का शुभारंभ आज प्रात: 10 बजे किया गया ।

 सर्वधर्म प्रतिनिधियों द्वारा एकता का संदेश से सुसज्जित झांकी, द्वादश ज्योर्तिलिंग के दिव्य दर्शन कीझांकी एवं श्री श्री राजयोगेश्वर शिवबाबा की शाही सवारी के रथ से सज्जित यह विशाल रैली ज्यों ज्यों आगे बढ़ती चली जा रही थी उसमें बड़े ही अनुशासित ढंग से लाल वस्त्रों में सजी कलशधारी माताएें बहनें एवंश्वेत वस्त्रधारी भाई–बहन बड़ी संख्या में सम्मिलित होते चले जा रहे थे । रेल्वे फाटक तक पहुंचते पहुंचते यह यात्रा दो किलोमीटर से भी अधिक लम्बी हो चुकी थी । घुड़सवार शिवध्वजाधारी, बैण्ड बाजा,ढोलढमाके की ध्वनि में झूमते सैंकड़ों ब्रह्मावत्स नाचते गाते चल रहे थे । इतनी विशाल रैली होने के बावजूद यह पूरी रैली बहुत ही अनुशासित तौर तरीके से कतारबद्ध होकर सड़क की बांई और चल रही थी ताकिट्रेफिक अव्यवस्था भी न फैले । रैली के आखिर में ब्रह्माकुमारी संस्थान की और से एक स्वच्छता अभियान का वाहन भी चल रहा था जिसमें 8-10 स्वच्छता सेवाधारी हाथ में झाड़ू लेकर रास्ते का हर प्रकार काकचरा समेटकर गाड़ी में रखे विशाल डस्टबिन में डालते जा रहे थे । इस प्रकार पूरी रैली में किसी प्रकार के पानी के पाऊच, शरबत के गिलास अथवा अन्य किसी भी प्रकार का कचरा दिखाई नहीं दिया । रैली मेंसबसे आगे श्वेत वस्त्रधारी ब्रह्माकुमारी बहनों ने नेतृत्व प्रदान किया । उनके पीछे शिवबाबा की शाही सवारी के रथ का संचालन बी.के.सुरेन्द्र भाई कर रहे थे । तत्पश्चात 100 से अधिक लाल वस्त्रों में सुसज्जितकलशधारी माताओं बहनों की लम्बी कतार चल रही थी । उनके पीछे विभिन्न झांकियां एवं भाई–बहनों की  लगभग दो किलोमीटर लम्बी कतार अनुशासित ढंग से चल रही थी । यह रैली बंगला नं. 60 के मैदान सेप्रारंभ होकर चौकन्ना बालाजी, रेल्वे फाटक, हनुमान नगर, रेगर बस्ती, अहीर मोहल्ला से फतेह चौक, होली चौक होकर बघाना के नया बाजार से आगे बढ़कर अहीर व्यायाम शाला पर समाप्त हुई । पूरी रैली मेंएक गजब का अनुशासन और तेज गर्मी होने के बावजूद सभी के चेहरों पर खुशी की झलक थी । सद्भावना रैली के अन्त में 2000 से अधिक भाई–बहनों के लिए ज्ञान मार्ग स्थित ब्रह्माकुमारी केन्द्र पर पवित्रब्रह्माभोजन प्रसादी की व्यवस्था प्रदान की गई ।

नीमच सिटी के ब्रह्माकुमारी केन्द्र में शिवरात्रि पर्व पर विशाल समागम सम्पन्न हुआ

नीमच : दि. 13.2.18           “शिव के साथ रात्रि शब्द का योग रहस्ययुक्त है, किसी का भी जन्म दिन में या रात में होता है तब भी जन्मदिन ही मनाया जाता है । किन्तु शिव का अवतरण अथवा जन्म रात्रि शब्द सेजुड़ा हुआ है क्योंकि परमात्मा शिव वैसे तो अजन्मा है किन्तु उनका दिव्य अवतरण अथवा परकाया प्रवेश का सम्बन्ध घोर अज्ञान रूपी रात्रि से है । वर्तमान कलियुग के अन्तिम समय में जहाँ चारों और अज्ञानअंधकार के साथ ही विषय विकारों का घनघोर प्रभाव है एैसे में कलियुग का महापरिवर्तन कर सतयुग की स्थापना करने का परम पुनित कत्र्तव्य निराकार स्वयंभू  शिव परकाया प्रवेश करके सत्य गीता ज्ञान एवंराजयोग की शिक्षा के द्वारा सर्व आत्माओं का उद्धार वर्तमान समय कर रहे हैं । कालान्तर में भक्ति मार्ग में यही ईश्वरीय कर्तव्य शिवरात्रि के रूप में मनाया जाने लगा ।” उपरोक्त विचार ब्रह्माकुमारी संस्थानकी सबझोन संचालिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने नीमच सिटी के ब्रह्माकुमारी केन्द्र पर आयोजित शिवरात्रि आध्यात्मिक समागम को संबोधित करते हुए व्यक्त किये ।

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               इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी संस्थान के एरिाया डायरेक्टर बी.के.सुरेन्द्र भाई ने सभी से आव्हान किया है कि वर्तमान समय चल रहे पुरूषोत्तम संगमयुग की पावन वेला अति शीघ्र समाप्त होने जा रही है। अत: जल्दी से जल्दी प्रत्येक आत्मा को परमात्मा द्वारा दिये जा रहे सत्य ज्ञान एवं राजयोग की शिक्षा समझकर एवं धारण कर अपना जीवन धन्य बना लेना चाहिए । ज्ञान एवं राजयोग की शिक्षा हमारेवर्तमान के साथ भविष्य अनेकानेक जन्मों का भी कल्याण कर देता है । शिवरात्रि समागम कार्यक्रम में बी.के.सविता दीदी, बी.के.सुरेन्द्र भाई के साथ ही बी.के.महानन्दा बहन, वर्षा बहन एवं कृति बहन ने भी दीपप्रज्जवलित करके सभी को शिवरात्रि की शुभकामनाएें दी । तत्पश्चात शिव के अलौकिक अवतरण को जन्मदिन के रूप में मनाया जाकर केक कटिंग सेरेमनी की गई । कार्यक्रम के अन्त में ढोल–ढमाके एवंधूमधाम से नाच गाने के साथ शिवध्वजारोहण किया गया । जिसमें बड़ी संख्या में ब्रह्मावत्सों ने भाग लिया एवं झूम–झूम कर नृत्य की प्रस्तुति दी । कार्यक्रम का समापन शांति के प्रतीक कबूतर उड़ाकर कियागया तथा उपस्थित समस्त जन समुदाय को पवित्र प्रसाद वितरित किया ।

Beautiful Peace Park, Meditation Center coming soon at Neemuch

Beautiful Peace Park, Meditation Center coming soon at Neemuch

ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा जमुनिया कलॉ में सुन्दर पीस पार्क व ध्यान केन्द्र बनाया जायेगा

नीमच : “आज दुनिया में एैसे स्थान बहुत कम हैं जहां जाकर इंसान अपने दुख दर्द और तनाव को भूलकर परमआनन्द की अनुभूति कर सके, हर एक को सच्ची शांति की तलाश है.. सब भटक रहे हैं किन्तु कोई एैसा ठिकाना नहीं मिल रहा जहां इंसान की भटकन समाप्त होकर सुख शांति की मंजिल पा सके, किन्तु नीमच नगर के लिए और खासकर ग्राम जमुनिया कलॉ और आसपास के ग्रामीण क्षैत्रों के लिए निर्माणाधीन पीस पार्क और ध्यान केन्द्र सबकी सुख शांति की मनोकामना अवश्य पूरी करेगा । इस पीस पार्क में सभी को नि:शुल्क रूप से स्वच्छ व प्रेम पूर्ण वातावरण का लाभ मिलेगा साथ ही दुख अशांति से थके हारे इंसानों को यहां आकर एक नई आध्यात्मिक उर्जा और सुख शांति की गहरी अनुभूति का पूरा लाभ मिलेगा ।

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इन प्रयासों के लिए ब्रह्माकुमारी संस्थान के नीमच, मनासा, रामपुरा, जावद, जीरन, मल्हारगढ़ एवं पिपलिया मण्डी केन्द्रों के मिले जुले प्रयासों की भरपूर प्रशंसा की जानी चाहिए जिनके सामुहिक सहयोग से अतिशीघ्र यह एक सुन्दर रमणीक स्थल तैयार होगा जहां धर्म, जाति, समाज, अमीर–गरीब सभी भेदभावों से उपर उठकर हर आम व खास आदमी के लिए यह स्थान नि:शुल्क रूप से सुलभ होगा । यहां आकर प्रत्येक व्यक्ति अपने तनाव के कारण का निवारण कर सकेगा तथा अपनी निजी पारिवारिक अथवा सामाजिक समस्याओं के हल हेतु वरिष्ठ अनुभवी राजयोग तपस्वी भाई–बहनों से उचित मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेगा ।” उक्त विचार अन्तर्राष्ट्रीय ब्रह्माकुमारी संस्थान के जिला मुख्यालय सिरोही से पधारी हुई राजयोग तपस्विनी शिव शक्ति ब्रह्माकुमारी अरूणा दीदीजी ने व्यक्त किये । आप विशेष रूप से ग्राम जमुनिया कलॉ में विकसित किये जा रहे पीस पार्क के “भूमि जागरण महोत्सव” के अवसर पर पधारी थी । ब्रह्माकुमारी संस्थान के सबझोन डायरेक्टर बी.के.सुरेन्द्र भाई ने समस्त जानकारी देते हुए बताया कि लगभग 25 हजार वर्गफीट से अधिक भूमि सर्वजन हिताय आध्यात्मिक प्रयोजन हेतु जमुनिया कलॉ निवासी भाई अनिल डूंगरवाल द्वारा नि:शुल्क प्रदान की गई है । इस आध्यात्मिक समागम में अरूणा दीदी जी द्वारा अनिल डूंगरवाल को सम्मानित भी किया गया । सुरेन्द्र भाई ने बताया कि इस भूमि जागरण महोत्सव के अवसर पर नीमच, मनासा, रामपुरा, जावद, जीरन, मल्हारगढ़ एवं पिपलिया मण्डी से 2000 से भी अधिक राजयोगी ब्रह्मावत्स एकत्रित हुए थे । सभी ने सामुहिक रूप से लगातार 4 घण्टे तक राजयोग ध्यान तपस्या करके भूमि को पवित्र एवं जागृत किया तथा संपूर्ण ग्राम एवं आसपास के क्षेत्रों के लिए लिए बरकत एवं खुशहाली की कामना करके गहन तपस्या की । इस विशाल आध्यात्मिक समागम में ब्रह्माकुमारी संस्थान की दिवंगत सबझोन संचालिका के तृतीय पुण्य स्मृति दिवस पर उनके द्वारा किये गये स्मरणीय प्रयासों को याद कर भावभीनी श्रृद्धांजली भी अर्पित की गई । इस महोत्सव में बी.के.अरूणा दीदी जी का स्वागत सबझोन संचालिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सविता बहन एवं सुरेन्द्र भाई ने किया । महोत्सव में पधारे 2000 से अधिक भाई बहनों को रनिंग कामेंट्री द्वारा शुभ व शक्तिशाली विचार देकर बी.के.सविता बहन ने सामुहिक राजयोग तपस्या करवाई । तत्पश्चात बाल ब्रह्मचारी भाई–बहनों द्वारा निर्मित पवित्र ब्रह्माभोजन का सर्वशक्तिवान परमात्मा को बी.के. अरूणा दीदी जी द्वारा भोग स्वीकार करवाया गया जिसका रसास्वादन बड़े ही स्वच्छ, सुन्दर और आध्यात्मिक वातावरण में अनुशासित तरीके से 2000 से अधिक भाई बहनों द्वारा किया गया । संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन सबझोन डायरेक्टर बी.के.सुरेन्द्र भाई द्वारा किया गया ।