नीमच में नि:स्वार्थ सेवाओं का विस्तार देख प्रसन्नता मिली – महाप्रबन्धक

नीमच में नि:स्वार्थ सेवाओं का विस्तार देख प्रसन्नता मिली – महाप्रबन्धक

ब्रह्माकुमारी संस्थान की महाप्रबन्धक बी.के.मुन्नी दीदीजी का दो दिवसीय नीमच भ्रमण

नीमच : दि . 16.4.18          “ब्रह्माकुमारी संस्थान का परिचय उसके विस्तार अथवा वैभव से नहीं बल्कि नि:स्वार्थ भाव से अपने ही तन, मन, धन से की जा रही मानव सेवाओं केविस्तार से है । आमतौर पर धर्म के नाम पर चन्दा उगाही अथवा मान, शान एवं पद की दौड़ मेंअनेकानेक सेवाभावी संस्थान उलझ कर रह गए हैं किन्तु ब्रह्माकुमारी संस्थान पिछले 82 वर्षों से  शून्य से प्रारंभ होकर 148 देशों में  लगभग 9000 शाखाओं का विस्तार पाकर भी नि:स्वार्थ मानव सेवा के अपने  लक्ष्य पर निरंतर अग्रसर है । किसी भी विवाद से परे रहकरब्रह्माकुमारी संस्थान के लाखों भाई बहन स्वर्णिम भारत की स्थापना में अपना अथक योगदान दे रहे हैं और इसी का एक जीता जागता सबूत नीमच जिले में देखने को मिला, जहाँनीमच केन्ट, नीमच सिटी, बघाना, मनासा, रामपुरा, जावद, जीरन, मल्हारगढ़ एवं पिपलिया मण्डी केन्द्रों के हजारों भाई बहन निरन्तर विभिन्न सेवा कार्यक्रमों के माध्यम से सतत्सेवारत हैं ।” उपरोक्त विचार अंतर्राष्ट्रीय  शांतिदूत ब्रह्माकुमारी संस्थान की महाप्रबन्धक राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी मुन्नी दीदी जी ने अपने नीमच प्रवास पर आयोजित विशालआध्यात्मिक समागम को संबोधित करते हुए व्यक्त किये । आपने नीमच सबझोन से सम्बन्धित सभी केन्द्रों की गतिविधियों की बारिकी से जानकारी ली एवं की जा रही सेवाओं कोदेखकर प्रसन्नता व्यक्त की । बी.के.मुन्नी दीदी जी के नीमच आगमन पर डूंगलावदा हाईवे फंटे पर ब्रह्माकुमारी महानन्दा बहन एवं दिव्या बहन ने स्वागत किया एवं एक छोटे काफिलेके रूप में फव्वारा चौक होकर ज्ञान मार्ग स्थित नीमच के मुख्य केन्द्र ज्ञान सागर परिसर में प्रवेश किया जहाँ सबझोन डायरेक्टर बी.के.सुरेन्द्र भाई एवं सबझोन प्रभारी बी.के.सविताबहन ने तिलक एवं माल्यार्पण से स्वागत किया, साथ ही नन्ही नन्ही बालिकाओं ने एवं उपस्थित जनसमुदाय ने पुष्प वर्षा कर मुन्नी दीदी जी का स्वागत सत्कार किया । शाम कोमुन्नी दीदी जी एवं उनके साथ माउण्ट आबू मुख्यालय से पधारे अन्य भाई बहनों के सम्मान में सदभावना सभागार की विशाल छत पर ठंडी–ठंडी हवाओं की बयार में केण्डल लाईटडिनर का आयोजन किया गया । इस अवसर पर ज्ञान सागर परिसर में एक विशाल आध्यात्मिक समागम आयोजित किया गया जिसमें नीमच सबझोन से सम्बन्धित सभीब्रह्माकुमारी केन्द्रों से पधारे लगभग 1500 भाई–बहनों की विशाल सभा में मुन्नी दीदी जी का अभिनन्दन किया गया । इस अवसर पर विश्व शांति एवं अज्ञान अंधकार दूर हटाने केसंकल्प से दीप प्रज्जवलित किये गए । स्वागत भाषण बी.के.सविता दीदी ने दिया एवं गोल्डन फरिश्ता स्वागत नृत्य बहन वंदना सोनी एवं भावना कस्तुरी से प्रस्तुत किया गया एवंबहन सोनल गुजराती द्वारा “मेरे सदगुरू प्यारे दा दरबार बड़ा सोणा है..” गीत पर सुंदर नृत्य प्रस्तुत किया गया; तत्पश्चात तिलक, पगड़ी, चुनरी एवं विशाल पुष्पमाल से मुन्नी दीदी जीका श्रंगार एवं स्वागत किया गया ।

जावद के इतिहास में पहली बार सभी धर्मों के नेता एक मंच पर एक सुर में बोले

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ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा आयोजित सर्वधर्म सद्भावना सम्मेलन की अभूतपूर्व सफलता

जावद, जिला नीमच : पिछले कुछ वर्षों से जावद नगर में साम्प्रदायिक तनाव की स्थिति बनी रही है जिस कारण हिन्दू अथवा मुस्लिम किसी भी धर्म के पर्व पर यह तनाव स्पष्ट परिलक्षित होता है । सभी स्तरों पर अनेक प्रकार के प्रयास एवं समझाईश देने के बाद भी कोई झुकने को तैयार नहीं एवं स्थिति जस की तस बनी रही, इसी दिशा में अंतर्राष्ट्रीय शांतिदूत ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा एक अत्यन्त सफल प्रयास किया गया । संस्थान के जावद राजयोग साधना केन्द्र द्वारा ‘सर्वधर्म सद्भावना सम्मेलन’ का आयोजन किया गया जिसमें हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन, विश्व हिन्दू परिषद एवं गायत्री परिवार के नगर अथवा जिला प्रमुख धर्माचार्यों से सम्पर्क कर इस सद्भावना सम्मेलन में आमंत्रित किया गया । सभी धर्मों एवं संस्थाओं के प्रमुखों ने सहर्ष इस सम्मेलन में भाग लेने की स्वीकृति प्रदान की और पहली बार जावद के इतिहास में सभी धर्मों के नेता एक मंच पर एकत्रित होकर कार्यक्रम संचालक बी.के.सुरेन्द्र भाई एवं ब्रह्माकुमारी सविता दीदी के आव्हान पर सभी ने हाथोें में हाथ लेकर सद्भावना की एक अटूट श्रंखला बनाई एवं एक सुर में सभी ने जावद नगर में शांति एवं सद्भावना की बहाली का दृढ़ संकल्प लिया । इस अवसर पर सभी धर्मों के अनुयायियों का स्वांग रचकर नन्हें नन्हें बच्चों ने भी धार्मिक एकता एवं सद्भावना का संदेश दिया ।

इस सम्मेलन की शुरूआत कौमी एकता के सुन्दर गीत ‘सबका मालिक एक फिर क्यों बंटा हुआ संसार है.. सच पूछो तो सारी दुनिया अपना ही परिवार है..’ की धुन पर सभी धर्माचार्यों ने शांति एवं सद्भावना के दीप प्रज्जवलित किये तो मंच के सम्मुख उपस्थित सैंकड़ों नगरवासियों ने भी दीप प्रज्जवलित कर एवं हाथ उंचे उठाकर जैसे सद्भावना की दीपावली का दृश्य जीवन्त कर दिया । हर किसी का चेहरा खिला हुआ था । इस सद्भावना सम्मेलन का समर्थन एवं सहयोग परमात्मा एवं प्रकृति ने भी किया जबकि कार्यक्रम के पूर्व हल्की हल्की पानी की फुहार और ठण्डी हवाओं ने सारे वातावरण को सौंधी सौंधी महक से महका दिया । दीप प्रज्जवलन के पश्चात् कु. अवनि ने सुन्दर स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया, इस कार्यक्रम की संयोजिका ब्रह्माकुमारी दिव्या बहन ने स्वागत भाषण प्रस्तुत करने के पश्चात् संस्थान की सबझोन संचालिका ब्रह्माकुमारी सविता दीदी, महानन्दा दीदी एवं श्रुति बहन के सहयोग से सभी मंचासीन धर्माचार्यों का शॉल, श्रीफल एवं गुलदस्ते भेंट कर सम्मान किया गया । तत्पश्चात नन्हें बालकों के एक ग्रुप ने सभी धर्म प्रतिनिधियों का स्वांग रचकर एक सुन्दर सद्भावना नृत्य नाटिका प्रस्तुत की जिसमें कु. रिद्धि टेलर, गुनगुन, परी, प्रीत, आराध्या एवं अनुष्का ने भाग लिया । प्रत्येक धर्म के प्रतिनिधियों जिनमें जैन समाज से श्री नरेन्द्र गांधी, बोहरा समाज से श्री युसुफ भाई, विश्व हिन्दू परिषद से श्री बाबूलाल नागदा, सिख समाज से श्री हरभजन सिंह सलूजा, हिन्दू समाज से श्री रामलाल पाटीदार, मुस्लिम समाज से शहर काजी सैय्यद मोहम्मद आकील भाई, गायत्री परिवार से श्री कमल एरन एवं ईसाई समुदाय से कार्मल कॉन्वेंट स्कूल की प्रिंसीपल सिस्टर जया सीटीसी एवं नगर पंचायत अध्यक्षा श्रीमती सारिका वोरा आदि सभी ने एक सुर में अपने सम्बोधन में मानव मात्र में प्रेम, शांति, एकता एवं सद्भावना की आवश्यकता पर जोर दिया एवं अपने स्तर जावद नगर में सद्भावना बहाली के लिए हर प्रयास करने का दृढ़ संकल्प धारण किया । इसपर सम्मेलन में उपस्थित विशाल जनसमुदाय ने हर्ष ध्वनि कर एवं तालियों की गड़गड़ाहट से सभी धर्माचायों का अभिनन्दन किया । कार्यक्रम की अध्यक्षा राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सविता बहन ने अपने अध्यक्षीय सम्बोधन में कहा कि “हमें धर्म और जाति की दरो दीवार से उंचा उठकर आध्यात्मिक बनना होगा जिसमें सब धर्मों का सार सुख, शांति, प्रेम एवं सद्भावना समाई हुई है । आपने सभी धर्माचार्यों को धन्यवाद दिया कि जावद नगर में शांति एवं सद्भावना की बहाली के लिए सभी ने हाथ में हाथ लेकर दृढ़ संकल्प धारण किया । कार्यक्रम की अन्तिम कड़ी में बहन वन्दना सोनी एवं सोनम गुजराती ने समय की पुकार है.. शीर्षक से सद्भावना के एक सुन्दर गीत पर एक सुन्दर नृत्य प्रस्तुत कर सभी की वाह वाही और खूब तालियाँ बटोरी । इस कार्यक्रम के संचालक ब्रह्माकुमारी संस्थान के एरिया डायरेक्टर बी.के.सुरेन्द्र भाई ने अपनी सटिक और समसामयिक टिप्पणियों एवं सद्भावना की शेरो शायरी से कार्यक्रम का समां बांधा और देर रात तक चले इस सम्मेलन में जीवंतता बनाए रखी । कार्यक्रम के अंत में सभी धर्माचार्यों को शांति एवं सदभावना के संदेश युक्त साहित्य एवं उपहार प्रदान किये गए तथा उपस्थित विशाल जनसमुदाय मेें प्रत्येक को पवित्र प्रसाद प्रदान किया गया ।

“Lets walk on the path of happiness” program organized by Brahma Kumaris , Neemuch center.

 

Councillor Om Kabra expressed his gratitue to Brahma Kumaris for walking everyone towards a stress free life , and BK Savita shared that when the soul is stabilized in the original religion of peace and purity, life can be lead with happiness in “Lets walk on the path of happiness” program organized by Brahma Kumaris , Neemuch center.
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नीमच : 5 मार्च-2018, “हिन्दू, मुस्लिम, सिख, ईसाई ये सब देह के धर्म हैं जो इंसानों ने समयानुसार बनाए हैं इन्हीं धर्मों में सामंजस्य की कमी के कारण आज सारा विश्व आतंकवाद, हिंसा और अशांति के कगार पर खड़ा है । चारों और विनाश ज्वाला प्रज्जवलित हो रही है किन्तु यदि यह सत्य ज्ञान समझ लिया जाए कि प्रत्येक मनुष्य मूल स्वरूप में एक आत्मा और प्रत्येक आत्मा एक पिता परमात्मा की संतान है, आत्मा का सच्चा स्वधर्म शांति, प्रेम एवं पवित्रता है यदि प्रत्येक आत्मा अपने मूल स्वरूप को पहचानकर शांति, प्रेम और पवित्रता को धारण करे तो प्रत्येक जीवन खुशहाल बन सकता है और सारा संसार जो आज विनाश के कगार पर खड़ा है फिर से स्वर्णिम सतयुगी काल वाला सुख–शांति सम्पन्न विश्व बन सकता है ।” उपरोक्त विचार ब्रह्माकुमारी संस्थान की सबझोन संचालिका राजयोेगिनी ब्रह्माकुमारी सविता बहन ने मूलचंद मार्ग के बंगला नं. 55 में आयोजित ‘आओ खुशियों की राह चलें’ कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए व्यक्त किये । इस कार्यक्रम में बी.के.प्राची बहन भी उपस्थित थी कार्यक्रम की शुरूआत में वरिष्ठ कर सलाहकार एच.पी.गर्ग एवं समाजसेवी वासुदेव गर्ग ने पुष्प गुच्छ प्रदान कर ब्रह्माकुमारी बहनों का स्वागत किया । कार्यक्रम के दौरान सभी उपस्थित जनता को रनिंग कमेंट्री द्वारा राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास करवाकर गहन सुख–शांति की अनुभूति करवाई गई । नगर पार्षद ओम काबरा ने ब्रह्माकुमारी बहनों को तनावमुक्ति एवं पारिवारिक सद्भावना के सहज सरल उपाय बताने के लिए साधुवाद देते हुए कहा कि यदि इसी प्रकार के और भी कार्यक्रम नगर में हर स्थान पर आयोजित किये जाए और सरल मेडिटेशन के द्वारा सभी सुख शांति की अनुभूति कर पाएें तो नगर के लिए यह वरदान सिद्ध होगा । पार्षद ओम काबरा ने अपने वार्ड में इस सफल कार्यक्रम के लिए सभी का बहुत आभार प्रकट किया ।

नीमच : दि. 25 फरवरी-2018, दो किलोमीटर लम्बी सद्भावना रैली से सारा बघाना क्षैत्र धर्ममय हो उठा

दो किलोमीटर लम्बी सद्भावना रैली से सारा बघाना क्षैत्र धर्ममय हो उठा

 सैकड़ों स्वागत द्वार बनाकर कदम कदम पर पुष्प वर्षा एवं शीतल पेय से रैली का स्वागत हुआ

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 नीमच : दि. 25 फरवरी-2018,                           “सबका मालिक एक..फिर क्यों बंटा हुआ संसार है.. सच पूछो तो सारी दुनिया अपना ही परिवार है…” के उद्घोष के साथ ही विधायक दिलीप सिंह परिहार, जिलाभाजपा अध्यक्ष हेमन्त हरित, ब्रह्माकुमारी संस्थान के एरिया डायरेक्टर बी.के. सुरेन्द्र एवं संस्थान की सबझोन संचालिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सविता बहन एवं अन्य प्रमुख ब्रह्माकुमारी बहनों द्वारासामुहिक रूप से शिवध्वज लहराकर ‘सर्वधर्म सद्भावना यात्रा’ का शुभारंभ आज प्रात: 10 बजे किया गया ।

 सर्वधर्म प्रतिनिधियों द्वारा एकता का संदेश से सुसज्जित झांकी, द्वादश ज्योर्तिलिंग के दिव्य दर्शन कीझांकी एवं श्री श्री राजयोगेश्वर शिवबाबा की शाही सवारी के रथ से सज्जित यह विशाल रैली ज्यों ज्यों आगे बढ़ती चली जा रही थी उसमें बड़े ही अनुशासित ढंग से लाल वस्त्रों में सजी कलशधारी माताएें बहनें एवंश्वेत वस्त्रधारी भाई–बहन बड़ी संख्या में सम्मिलित होते चले जा रहे थे । रेल्वे फाटक तक पहुंचते पहुंचते यह यात्रा दो किलोमीटर से भी अधिक लम्बी हो चुकी थी । घुड़सवार शिवध्वजाधारी, बैण्ड बाजा,ढोलढमाके की ध्वनि में झूमते सैंकड़ों ब्रह्मावत्स नाचते गाते चल रहे थे । इतनी विशाल रैली होने के बावजूद यह पूरी रैली बहुत ही अनुशासित तौर तरीके से कतारबद्ध होकर सड़क की बांई और चल रही थी ताकिट्रेफिक अव्यवस्था भी न फैले । रैली के आखिर में ब्रह्माकुमारी संस्थान की और से एक स्वच्छता अभियान का वाहन भी चल रहा था जिसमें 8-10 स्वच्छता सेवाधारी हाथ में झाड़ू लेकर रास्ते का हर प्रकार काकचरा समेटकर गाड़ी में रखे विशाल डस्टबिन में डालते जा रहे थे । इस प्रकार पूरी रैली में किसी प्रकार के पानी के पाऊच, शरबत के गिलास अथवा अन्य किसी भी प्रकार का कचरा दिखाई नहीं दिया । रैली मेंसबसे आगे श्वेत वस्त्रधारी ब्रह्माकुमारी बहनों ने नेतृत्व प्रदान किया । उनके पीछे शिवबाबा की शाही सवारी के रथ का संचालन बी.के.सुरेन्द्र भाई कर रहे थे । तत्पश्चात 100 से अधिक लाल वस्त्रों में सुसज्जितकलशधारी माताओं बहनों की लम्बी कतार चल रही थी । उनके पीछे विभिन्न झांकियां एवं भाई–बहनों की  लगभग दो किलोमीटर लम्बी कतार अनुशासित ढंग से चल रही थी । यह रैली बंगला नं. 60 के मैदान सेप्रारंभ होकर चौकन्ना बालाजी, रेल्वे फाटक, हनुमान नगर, रेगर बस्ती, अहीर मोहल्ला से फतेह चौक, होली चौक होकर बघाना के नया बाजार से आगे बढ़कर अहीर व्यायाम शाला पर समाप्त हुई । पूरी रैली मेंएक गजब का अनुशासन और तेज गर्मी होने के बावजूद सभी के चेहरों पर खुशी की झलक थी । सद्भावना रैली के अन्त में 2000 से अधिक भाई–बहनों के लिए ज्ञान मार्ग स्थित ब्रह्माकुमारी केन्द्र पर पवित्रब्रह्माभोजन प्रसादी की व्यवस्था प्रदान की गई ।

नीमच सिटी के ब्रह्माकुमारी केन्द्र में शिवरात्रि पर्व पर विशाल समागम सम्पन्न हुआ

नीमच : दि. 13.2.18           “शिव के साथ रात्रि शब्द का योग रहस्ययुक्त है, किसी का भी जन्म दिन में या रात में होता है तब भी जन्मदिन ही मनाया जाता है । किन्तु शिव का अवतरण अथवा जन्म रात्रि शब्द सेजुड़ा हुआ है क्योंकि परमात्मा शिव वैसे तो अजन्मा है किन्तु उनका दिव्य अवतरण अथवा परकाया प्रवेश का सम्बन्ध घोर अज्ञान रूपी रात्रि से है । वर्तमान कलियुग के अन्तिम समय में जहाँ चारों और अज्ञानअंधकार के साथ ही विषय विकारों का घनघोर प्रभाव है एैसे में कलियुग का महापरिवर्तन कर सतयुग की स्थापना करने का परम पुनित कत्र्तव्य निराकार स्वयंभू  शिव परकाया प्रवेश करके सत्य गीता ज्ञान एवंराजयोग की शिक्षा के द्वारा सर्व आत्माओं का उद्धार वर्तमान समय कर रहे हैं । कालान्तर में भक्ति मार्ग में यही ईश्वरीय कर्तव्य शिवरात्रि के रूप में मनाया जाने लगा ।” उपरोक्त विचार ब्रह्माकुमारी संस्थानकी सबझोन संचालिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने नीमच सिटी के ब्रह्माकुमारी केन्द्र पर आयोजित शिवरात्रि आध्यात्मिक समागम को संबोधित करते हुए व्यक्त किये ।

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               इस अवसर पर ब्रह्माकुमारी संस्थान के एरिाया डायरेक्टर बी.के.सुरेन्द्र भाई ने सभी से आव्हान किया है कि वर्तमान समय चल रहे पुरूषोत्तम संगमयुग की पावन वेला अति शीघ्र समाप्त होने जा रही है। अत: जल्दी से जल्दी प्रत्येक आत्मा को परमात्मा द्वारा दिये जा रहे सत्य ज्ञान एवं राजयोग की शिक्षा समझकर एवं धारण कर अपना जीवन धन्य बना लेना चाहिए । ज्ञान एवं राजयोग की शिक्षा हमारेवर्तमान के साथ भविष्य अनेकानेक जन्मों का भी कल्याण कर देता है । शिवरात्रि समागम कार्यक्रम में बी.के.सविता दीदी, बी.के.सुरेन्द्र भाई के साथ ही बी.के.महानन्दा बहन, वर्षा बहन एवं कृति बहन ने भी दीपप्रज्जवलित करके सभी को शिवरात्रि की शुभकामनाएें दी । तत्पश्चात शिव के अलौकिक अवतरण को जन्मदिन के रूप में मनाया जाकर केक कटिंग सेरेमनी की गई । कार्यक्रम के अन्त में ढोल–ढमाके एवंधूमधाम से नाच गाने के साथ शिवध्वजारोहण किया गया । जिसमें बड़ी संख्या में ब्रह्मावत्सों ने भाग लिया एवं झूम–झूम कर नृत्य की प्रस्तुति दी । कार्यक्रम का समापन शांति के प्रतीक कबूतर उड़ाकर कियागया तथा उपस्थित समस्त जन समुदाय को पवित्र प्रसाद वितरित किया ।

Beautiful Peace Park, Meditation Center coming soon at Neemuch

Beautiful Peace Park, Meditation Center coming soon at Neemuch

ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा जमुनिया कलॉ में सुन्दर पीस पार्क व ध्यान केन्द्र बनाया जायेगा

नीमच : “आज दुनिया में एैसे स्थान बहुत कम हैं जहां जाकर इंसान अपने दुख दर्द और तनाव को भूलकर परमआनन्द की अनुभूति कर सके, हर एक को सच्ची शांति की तलाश है.. सब भटक रहे हैं किन्तु कोई एैसा ठिकाना नहीं मिल रहा जहां इंसान की भटकन समाप्त होकर सुख शांति की मंजिल पा सके, किन्तु नीमच नगर के लिए और खासकर ग्राम जमुनिया कलॉ और आसपास के ग्रामीण क्षैत्रों के लिए निर्माणाधीन पीस पार्क और ध्यान केन्द्र सबकी सुख शांति की मनोकामना अवश्य पूरी करेगा । इस पीस पार्क में सभी को नि:शुल्क रूप से स्वच्छ व प्रेम पूर्ण वातावरण का लाभ मिलेगा साथ ही दुख अशांति से थके हारे इंसानों को यहां आकर एक नई आध्यात्मिक उर्जा और सुख शांति की गहरी अनुभूति का पूरा लाभ मिलेगा ।

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इन प्रयासों के लिए ब्रह्माकुमारी संस्थान के नीमच, मनासा, रामपुरा, जावद, जीरन, मल्हारगढ़ एवं पिपलिया मण्डी केन्द्रों के मिले जुले प्रयासों की भरपूर प्रशंसा की जानी चाहिए जिनके सामुहिक सहयोग से अतिशीघ्र यह एक सुन्दर रमणीक स्थल तैयार होगा जहां धर्म, जाति, समाज, अमीर–गरीब सभी भेदभावों से उपर उठकर हर आम व खास आदमी के लिए यह स्थान नि:शुल्क रूप से सुलभ होगा । यहां आकर प्रत्येक व्यक्ति अपने तनाव के कारण का निवारण कर सकेगा तथा अपनी निजी पारिवारिक अथवा सामाजिक समस्याओं के हल हेतु वरिष्ठ अनुभवी राजयोग तपस्वी भाई–बहनों से उचित मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेगा ।” उक्त विचार अन्तर्राष्ट्रीय ब्रह्माकुमारी संस्थान के जिला मुख्यालय सिरोही से पधारी हुई राजयोग तपस्विनी शिव शक्ति ब्रह्माकुमारी अरूणा दीदीजी ने व्यक्त किये । आप विशेष रूप से ग्राम जमुनिया कलॉ में विकसित किये जा रहे पीस पार्क के “भूमि जागरण महोत्सव” के अवसर पर पधारी थी । ब्रह्माकुमारी संस्थान के सबझोन डायरेक्टर बी.के.सुरेन्द्र भाई ने समस्त जानकारी देते हुए बताया कि लगभग 25 हजार वर्गफीट से अधिक भूमि सर्वजन हिताय आध्यात्मिक प्रयोजन हेतु जमुनिया कलॉ निवासी भाई अनिल डूंगरवाल द्वारा नि:शुल्क प्रदान की गई है । इस आध्यात्मिक समागम में अरूणा दीदी जी द्वारा अनिल डूंगरवाल को सम्मानित भी किया गया । सुरेन्द्र भाई ने बताया कि इस भूमि जागरण महोत्सव के अवसर पर नीमच, मनासा, रामपुरा, जावद, जीरन, मल्हारगढ़ एवं पिपलिया मण्डी से 2000 से भी अधिक राजयोगी ब्रह्मावत्स एकत्रित हुए थे । सभी ने सामुहिक रूप से लगातार 4 घण्टे तक राजयोग ध्यान तपस्या करके भूमि को पवित्र एवं जागृत किया तथा संपूर्ण ग्राम एवं आसपास के क्षेत्रों के लिए लिए बरकत एवं खुशहाली की कामना करके गहन तपस्या की । इस विशाल आध्यात्मिक समागम में ब्रह्माकुमारी संस्थान की दिवंगत सबझोन संचालिका के तृतीय पुण्य स्मृति दिवस पर उनके द्वारा किये गये स्मरणीय प्रयासों को याद कर भावभीनी श्रृद्धांजली भी अर्पित की गई । इस महोत्सव में बी.के.अरूणा दीदी जी का स्वागत सबझोन संचालिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सविता बहन एवं सुरेन्द्र भाई ने किया । महोत्सव में पधारे 2000 से अधिक भाई बहनों को रनिंग कामेंट्री द्वारा शुभ व शक्तिशाली विचार देकर बी.के.सविता बहन ने सामुहिक राजयोग तपस्या करवाई । तत्पश्चात बाल ब्रह्मचारी भाई–बहनों द्वारा निर्मित पवित्र ब्रह्माभोजन का सर्वशक्तिवान परमात्मा को बी.के. अरूणा दीदी जी द्वारा भोग स्वीकार करवाया गया जिसका रसास्वादन बड़े ही स्वच्छ, सुन्दर और आध्यात्मिक वातावरण में अनुशासित तरीके से 2000 से अधिक भाई बहनों द्वारा किया गया । संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन एवं आभार प्रदर्शन सबझोन डायरेक्टर बी.के.सुरेन्द्र भाई द्वारा किया गया ।

जीवन के सफर का आनन्द लेने के लिए मन बुद्धि को हल्का रखें

जीवन के सफर का आनन्द लेने के लिए मन बुद्धि को हल्का रखें

संतुलित आहार, एक्सरसाईज और  मेडिटेशन ही खुशहाल जीवन का आधार–डॉ. प्रेम

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रामपुरा : दि 25.12.17        “जिन्दगी एक सफर है.. रोज आगे बढ़ते चलो…  लेकिन मन बुद्धि पर जितना बोझ कम होगा नकारात्मक संकल्प नहीं होंगे तो सफर सुहाना लगेगा… हमेशा नयेपन को स्वीकार कर अंगिकार करते चलें.. हम अपने आपको हरपरिस्थिति से समायोजित करके यदि जीना सीख जाएें तो जिन्दगी मनोरंजन अनुभव होगी अन्यथा बोझ बन जाएगी ।” उपरोक्त विचार अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त तनाव मुक्ति विशेषज्ञ एवं प्रेरक वक्ता डॉ. प्रेम मसंद ने ब्रह्माकुमारी संस्थान के ‘शिव शिखर’ केन्द्र पर आयोजित कार्यक्रम ‘आओ खुशियों की राह चले’ को संबोधित करते हुए व्यक्त किये आपने बताया कि “केवल १५-20 वर्षों  में ही ह्रदय रोग, डायबिटिज, स्पोंडिलाईटिस और घुटनों के दर्द की बीमारियां तेजी से बढ़ी हैं , इनका इलाज दवाईयों से नाम मात्रहोता है वास्तव में तो वर्तमान समय मनुष्य का शरीर इलास्टिक की जगह प्लास्टिक होता चला जा रहा है, इसका कारण नकारात्मक चिंतन और असंतुलित आहार एवं दिनचर्या है ।” डॉ. प्रेम मसंद ने बताया कि “दोनों पैर के निचले हिस्से भी दूसरे दिल के समानहैं इसलिए कम से कम 10 हजार कदम नियमित रूप से पैदल चलना चाहिए ।’‘ जीवन की खुशहाली का रहस्य बताते हुए डॉ. प्रेम ने कहा कि हमें स्वयं पर विश्वास के साथ–साथ स्वयं का सम्मान भी रखना है यदि हम ही खुद का सम्मान नहीं करेंगे तो दूसरा कैसेकरेगा .. हमेशा नकारात्मक बातें करके रोते रहने की आदत अच्छी नहीं । अनेकानेक दिव्यांग एवं गरीब वर्ग के लोगों ने बहुत बड़ी बड़ी सफलताएें हांसिल करके विश्व में नाम कमाया है । स्वयं पर विश्वास और दृढ़ता पैदा करने के लिए नियमित रूप से राजयोगमेडिटेशन का अभ्यास बहुत अधिक सहायक सिद्ध हुआ है ।

Neemuch: “Lets walk on the path of Happiness” talk by Motivational Speaker Dr.Prem Masand

Neemuch: “Lets walk on the path of Happiness” talk by Motivational Speaker Dr.Prem Masand

नीमच: विश्व विख्यात प्रेरक वक्ता डॉ. प्रेम मसंद की प्रस्तुति ने सभी का दिल जीत लिया

आओ खुशियों की राह चलें कार्यक्रम से हर चेहरा खिल उठा..

विश्व विख्यात प्रेरक वक्ता डॉ. प्रेम मसंद की प्रस्तुति ने सभी का दिल जीत लिया

पिपलिया मण्डी: दि 25.12.17 ब्रह्माकुमारी संस्थान के पिपलिया मण्डी केन्द्र पर मानों खुशियों की बरसात हो रही थी.. हर चेहरा खिला हुआ और होठों पर मुस्कान थी.. स्त्री, पुरूष, बच्चे, बूढ़े सभी झूम–झूम कर ‘आओ खुशियों की राह चलें’ कार्यक्रम का भरपूर आनन्द ले रहे थे.. विश्व विख्यात तनाव मुक्ति विशेषज्ञ एवं प्रेरक वक्ता डॉ. प्रेम मसंद द्वारा बताई गई खुशहाल जीवन की टिप्स सुन सुन कर हर व्यक्ति निहाल हो रहा था और सोच रहा था कि इन छोटी छोटी बातों को अपनाकर तनाव मुक्त खुशहाल जीवन बनाना कितना आसान हो सकता है.. जरूरत है कुछ एकाग्रता और सकारात्मक सोच की, जिसका सहज उपाय ‘सहज राजयोग मेडिटेशन’ है ।


‘आओं खुशियों की राह चलें’ कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए डॉ. प्रेम मसंद ने कहा कि “सभी समस्याओं और बीमारियों का निराकरण सकारात्मक चिन्तन और खुशहाल जीवन पद्धति को अपनाकर किया जा सकता है । दवाईयों का अत्यधिक सेवन भी डिप्रेशन का प्रमुख कारण है, अव्यवस्थित जीवन शैली और एकाग्रता की कमी के कारण हताशा और जिन्दगी से भागना यह सब बढ़ रहा है और काम पर फोकस कम होता जा रहा है, क्योंकि जीवन में सबके बीच होते भी अकेलापन और उदासी बढ़ती चली जा रही है ।” डॉ. प्रेम मसंद ने बताया कि “मनुष्य के मस्तिष्क की ‘वेगस नर्व’ तभी सक्रिय होती है जब उसे प्यार की अनुभूति हो आपने अंग्रेजी शब्द ‘इल’ की व्याख्या करते हुए बताया कि ‘इल माना -आई लेक लव’ अर्थात् ‘मुझमें प्यार की कमी’ ही बीमारी का मुख्य कारण है । बीच बीच में डॉ. प्रेम ने अलग अलग खुशहाली के गीत और संगीत की धुन पर विभिन्न मुद्राओं में हल्की फुल्की एक्सरसाईज भी करवाई जिससे हरेक का चेहरा और मन मस्तिष्क खिल उठा । आजकल फैल रही कैंसर और ह्रदय रोग की बीमारी का मुख्य कारण रिसर्च में पाया गया कि व्यक्ति में इमोशनल स्ट्रेस का लेवल कितना है और बीमारी की शुरूआत से पहले उसकी जीवन शैली और मानसिक सोच किस स्तर का था ? यदि मानसिक तनाव, हताशा, उदासी, अकेलापन और अव्यवस्थित जीवन शैली पर ध्यान दिया जाए और छोटी छोटी तनाव मुक्ति के टिप्स अपनाकर कुछ पल मेडिटेशन का अभ्यास करें तो सभी समस्याओं का निदान हो सकता है ।

कार्यक्रम के मध्यकाल में सभी उपस्थित जनसमुदाय को खड़ा करके विभिन्न मुद्राओं में खुशी का डांस करवाया गया जिसके परिणाम स्वरूप सारा हॉल खुशियों की तरंगों से सारोबार हो उठा । उसके पश्चात डॉ. प्रेम ने जीवन शैली का सार समझाते हुए कहा कि मनुष्य का सारा जीवन दो भावनाओं के द्वारा नियंत्रित होता है एक भय और दूसरा प्यार । डर अथवा अपने उपर विश्वास की कमी मनुष्य के मस्तिष्क में रक्त संचार को प्रभावित करती है और रक्त का प्रवाह मस्तिष्क को छोड़कर पैरों की और चला जाता है जिसके कारण अनेक रोगों की शुरूआत होती है। परीक्षा में छात्रों की एकाग्रता भंग होना, युवाओं में क्रोध व नशे की प्रवृत्ति में वृद्धि होना, बुजुर्गों में हताशा और निराशा बढ़ जाना, महिलाओं में चिड़चिड़ापन तेजी से बढ़ना ये सब डर और अविश्वास की प्रवृत्ति से उत्त्पन्न होता है । किन्तु यदि प्रत्येक व्यक्ति की तीन मूलभूत आवश्यकताओं प्यार, खुशी और शांति की पूर्ति हो जाए तो अनेक समस्याओं और बीमारियों का निदान सरलता से हो जाएगा ।

डॉ. प्रेम ने एक तथ्यात्मक जानकारी देते हुए बताया कि पिछले लगभग 20 वर्षों में स्पोन्डिलाईटिस, घुटना प्रत्यारोपण और हार्ट बायपास सर्जरी बहुत तेजी से बढ़ी है क्योंकि हमारी जीवन शैली से खुलापन, लचीलापन और स्वाभाविक बचपना निकल चुका है.. हम नारियल के समान बन गए हैं.. उपर से सख्त होने का दिखावा अन्दर से कमजोर.. अर्थात रियल नहीं या कहो नकली रूप धारण कर लिया है इसे दूर कर अपने को रियल स्वरूप में अर्थात चेतना या आत्मा का स्वरूप महसूस करके यदि सुबह और शाम केवल कुछ मिनिट मेडिटेशन का अभ्यास करें तो चमत्कारी परिणाम हांसिल होंगे ।

कार्यक्रम की शुरूआत में डॉ. प्रेम मसंद, बी.के.सुरेन्द्र, श्री अशोक कुमठ, श्री श्यामलाल जोकचंद, श्री मानसिंह माच्छोपुरिया, श्री रमेश पाटीदार व राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सविता बहन ने दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम की शुरूआत की । कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर के माध्यम से सभी के शंका समाधान किये गए एवं व्यक्तिगत मुलाकात करके भी डॉ. प्रेम ने समस्याओं का निराकरण बताया । इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों को पवित्र ईश्वरीय प्रसाद का पेकेट प्रदान किया गया ।

कॉन्वेंट स्कूल में “परीक्षा के भय से मुक्ति’ कार्यशाला सम्पन्न

जब हमारे विचारों में अपवित्रता, व्यर्थ और निगेटिविटी बढ़ जाती है तभी भय का जन्म होता है । हमें अपने विचारों का निरिक्षण और विश्लेषण करना पड़ेगा, सकारात्मक विचार हमारी कार्यक्षमता व एकाग्रता को बढ़ाते हैं । इसलिए हमें सकारात्मक और शक्तिशाली सोच रखनी है क्योंकि उर्जा कभी नष्ट नहीं होती केवल रूप बदलती है । हमारे जीवन का निर्माण भी हमारे विचारों की उर्जा से होता है । जैसा हम सोचेंगे वैसा बनेंगे..” उक्त विचार मैनेजमेंट स्पेशलिस्ट राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी श्रुति बहन ने कार्मल कॉन्वेंट स्कूल में आयोजित ‘परीक्षा के भय से मुक्ति’ कार्यशाला का संचालन करते हुए व्यक्त किये । आपने विशाल आडिटोरियम में उपस्थित लगभग 600 विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को संबोधित करते हुए वैज्ञानिक ढंग से समझाया कि – “बचपन से ही हम सब के माइण्ड की कण्डीशनिंग इस प्रकार से कर दी जाती है कि हमारी हर चोट और दर्द के लिए दूसरा जवाबदार है जैसे बचपन में जब हम गिरते हैं या चोट लगती है तो माता पिता अथवा अन्य वरिष्ठजन दीवारों को थप्पड़ लगाकर चीटीं को दोष देकर या अन्य किसी प्रकार से किसी और को दोष देकर समझा बुझा कर चुप करा देते हैं, यहीं से हम दूसरों पर दोषारोपण करना सीख जाते हैं अब हमें फिर से अपने माइण्ड की कण्डीशनिंग करनी है ।” श्रुति बहन ने परीक्षा के भय और पेपर हॉल में दिमागी स्थिरता के लिए बच्चों को समझाया कि – “यदि हमारी परीक्षा की तैयारी में कोई चेप्टर हम तैयार नहीं कर पाते तो परीक्षा हॉल में दिमाग में यह भय बैठ जाता है कि कहीं उसी चेप्टर से कोई प्रश्न न पूछ लिया जाए और हमारी निगाहें प्रश्नपत्र में उससे सम्बन्धित ढूंढती है और यदि कोई प्रश्न आ जाए तो टेंशन के मारे जो दूसरे प्रश्न हमें याद थे वो भी गड़बड़ा जाते हैं ।” इस समस्या का निवारण बताते हुए श्रुति बहन ने बताया कि अपने मन को इतना पावरफुल बनाओ कि जो संकल्प हम करें वो सिद्ध हो जाए, सदैव यह स्मृति रखकर परीक्षा की तैयारी की जाए कि यह चेप्टर तो बहुत सरल है और मैं तो इसे आसानी से सोल्व कर लूंगा, तो वह आसान लगते लगते याद हो जाएगा ।” श्रुति बहन ने जीवन में सफलता का मंत्र बताते हुए कहा कि “प्रचलित नियम कायदों का पालन करें मन को मेडिटेशन से मजबूत बनाएें ताकि किसी भी परिस्थिति का मन पर प्रभाव न पड़े । निगेटिव थॉट्स को डिलीट करें और मन रूपी हार्डडिस्क पर वेस्ट मटेरियल का बोझ न डालें ।” श्रुति बहन ने अनेक अच्छे अच्छे उदाहरण देकर बच्चों को तनाव और भय से मुक्त करने के लिए प्रेक्टिकल टिप्स दिये और बच्चे बीच बीच में तालियों की गड़गडाहट से अपनी स्वीकृति और खुशी प्रकट करते रहे । श्रुति बहन ने सब बच्चों से हाथ खड़े करवाकर संकल्प दिलाया कि “आइ केन डू.. नथिंग इस इम्पासिबुल..” आजकल के छात्र और युवा शक्ति टीवी, मोबाईल, वाट्सएप, फेसबुक, ट्वीटर आदि बातों में अपनी मन की एकाग्रता और उर्जा नष्ट कर रहे हैं साथ ही निगेटिव पॉजीटिव का अट्रेक्शन जीवन को बर्बाद कर रहा है इसलिए आध्यात्मिकता की नितांत आवश्यकता है जिससे हम जीवन का अनमोल सत्य जान सकें और राजयोगा मेडिटेशन का कुछ मिनटों का अभ्यास ही हमारे मन, मस्तिष्क और विचारों को शक्तिशाली बना देता है” इसके पश्चात श्रुति बहन ने सभी छात्रों और शिक्षकों को आडियो विज्युअल तरीके से मेडिटेशन का अभ्यास करवाया जिसे करने के बाद सभी के चेहरों पर तृप्ति और संतुष्टता का भाव देखा गया ।
तनाव मुक्ति विशेषज्ञा ब्रह्माकुमारी मेघना बहन ने भी कार्यशाला को संबोधित कर छात्रों एवं शिक्षकों को अनेक महत्वपूर्ण टिप्स दिये । आपने बताया कि न हम कम्प्लेन करें, न किसी को ब्लेम करें बल्कि जो कुछ हमारे पास है उसे बेहतर तरीके से यूज करें, हमेशा अपनी सफलता और अपनी मंजिल को सामने रखें क्योंकि हमें हर पेपर को फेस तो करना ही है तो फोकस करें.. डरें नहीं.. अपनी संपूर्ण एकाग्रता की उर्जा हर समस्या के हल में फोकस करें, क्योंकि हर एक्जाम हमें आगे बढ़ाने के लिए आता है जिस बच्चे ने 9 बार एक्जाम पास किया वो आज दसवीं में है जिसने 11 बार किया वो आज 12 वीं में है तो हमेशा एक्जाम का वेलकम करें.. डरें नहीं.. हल्के और खुश मन से परीक्षा की तैयारी करें ।
कार्यशाला की शुरूआत में कॉर्मल कॉन्वेण्ट की प्रिंसीपल सिस्टर जया ने श्रुति बहन एवं मेघना बहन का स्वागत किया एवं परिचय दिया । कार्यक्रम की रूपरेखा तय करने में श्रीमती मंजू ओझा का योगदान सराहनीय रहा । जबकि अन्त में आभार प्रदर्शन मैडम तपस्या विश्वास ने किया । कई विद्यार्थियों ने हाथ खड़े करके परीक्षा की तैयारियों तक टीवी, फेसबुक, वॉट्सअप आदि से किनारा करने का संकल्प धारण किया ।

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Navdurga Utsav at Neemuch Centre (MP)

नवरात्रि पर ब्रह्माकुमारी संस्थान में भव्य सांस्कृतिक संध्या सम्पन्न
1500 से अधिक लोगों ने एकटक और अचंभित होकर कार्यक्रम को निहारा
नीमच : नवरात्रि पर नवदुर्गा आराधना, गरबा, नृत्य नाटिका, बेटी सशक्तिकरण, महिषासुरमर्दिनी नाटक आदि समसामयिक विषयों पर ब्रह्माकुमारी संस्थान के ज्ञान मार्ग स्थित केन्द्र पर लगभग 65  कलाकारों ने अपनी शानदार प्रस्तुति देकर सैकड़ों लोगों की वाहवाही लूटी एवं खुले दिल से प्रशंसा बटोरी । उक्त जानकारी देते हुए ब्रह्माकुमारी संस्थान के एरिया डायरेक्टर बी.के.सुरेन्द्र भाई ने बताया कि नीमच, मनासा, रामपुरा, जावद, जीरन, मल्हारगढ़, पिपलिया आदि ब्रह्माकुमारी केन्द्रों से सम्बन्धित लगभग 65 से अधिक कलाकारों ने भव्य साज, सज्जा, श्रंगार एवं वेशभूषा के साथ गीत संगीत की प्रतिध्वनि में विभिन्न मनोरंजक एवं शिक्षाप्रद प्रस्तुतियां विशाल सद्भावना सभागार के मंच पर प्रस्तुत की । इस अवसर पर बम्बई एवं राजस्थानी फिल्मों के पूर्व कलाकार धर्मेन्द्र पाटीदार एवं अदिती चेलावत ने अपने प्रमुख किरदार से सुसज्जित भव्य नृत्य नाटिका ‘महिषासुरमर्दिनी’ नृत्य नाटिका की भव्य प्रस्तुति दी, जिसमें महिषासुर के रूप में धर्मेन्द्र पाटीदार और माँ दुर्गा का भव्य विराट रूप प्रकट करते हुए अदिती चेलावत ने सर्वोत्तम प्रस्तुति दी । इस नृत्य नाटिका में नारद मुनि के रूप में कैलाश शर्मा, ब्रह्मा के रूप में सूरज नैनवाया, विष्णु के रूप में यश जैन, शंकर रूप में धनराज अहीर तथा बाल कलाकार कविता, नीतू एवं अजयराज ने भी अपनी भूमिका सफलता पूर्वक अदा की । सर्वप्रथम मनासा की कुमकुम ने स्वागत नृत्य तथा रामपुरा की शिवानी और अंजली ने राधे कृष्ण का रास प्रस्तुत कर जोरदार शुरूआत की, तत्पश्चात  जावद की दीपीका, परी और पलक ने एक समूह नृत्य प्रस्तुत किया । नीमच सिटी की सरोज गेहलोद ने सरस्वती वंदना का नृत्य प्रस्तुत कर तालियां बटोरी । मल्हारगढ़ से बसंती, भूरी, सरिता, प्रमिला, किरण, सुमित्रा एवं बबीता ने चालो धीरे धीरे गीत पर सुन्दर ग्रुप डांस प्रस्तुत किया तत्पश्चात  नीमच सिटी की वंदना सोनी, भावना कस्तुरी, प्रियंका, स्नेहा एवं टीना ने पांच देवियों का भव्य श्रंगार कर महिषासुर वध की भव्य एवं शानदार प्रस्तुति देकर जबरदस्त जनसमर्थन व तालियां बटोरी । इस नृत्य नाटिका में महिषासुर राक्षस के रूप में बृजमोहन सैनी ने शानदार प्रस्तुति दी । तत्पश्चात  जीरन से कुसुम, कीर्ति, मीना, कल्पना, रचना, अन्तिमबाला, रितु, पूजा एवं माला ने सुंदर गरबा नृत्य प्रस्तुत किया । नीमच की सोनल गुजराती ने एकल गुजराती डांस की शानदार प्रस्तुति की तथा पिपलिया मंडी की मोना, कनक, मुस्कान, खुशबू, लता, रेखा, बुलबुल, पिंकी और पूजा ने एक सुंदर गु्रप डांस देवी की आराधना में प्रस्तुत किया । रामपुरा की ज्योति, रीना, शिवानी, सपना और भावना ने मिलकर डांडिया रास की प्रस्तुति दी ।मनासा की प्रिया, सलोनी, बुलबुल और कुंकुम ने थारे बिना श्याम गीत पर नृत्य प्रस्तुत किया । इसके पश्चात दी जाने वाली प्रस्तुति ने तो सारे हॉल में सन्नाटा और रोमांच की लहर फैला दी क्योंकि महिषासुर के रूप में सिने कलाकार धर्मेन्द्र पाटीदार की दहाड़ती आवाज ने सभी के रोमांच खड़े कर दिये और उसके जुल्मों सितम तथा अत्याचार के दृश्य देखकर भय की लहर व्याप्त हो गई तब अदिती चेलावत ने महादुर्गा के रूप में प्रकट होकर महिषासुर के साथ युद्ध कर उसका वध किया । यह दृश्य सभी के दिलो दिमाग पर छा गया । कार्यक्रम के अंतिम क्षणों में नीमच ब्रहमाकुमारी संस्थान के नीमच क्षैत्र से सम्बन्धित 22 राजयोग तपस्विनी ब्रहमाकुमारी बहनों का जब मंच पर आगमन हुआ तो पूरा ज्ञान सागर परिसर 1500 से अधिक लोगों की तालियों से गुंजायमान हो उठा । इन तपस्वी बहनों के सम्मान में नीमच की प्रीति नागदा, भावना कस्तुरी, अदिती चेलावत, गरिमा माहेश्वरी एवं सविता सैनी ने अलग अलग देवी वन्दना के सुन्दर नृत्य प्रस्तुत कर इन ब्रहमाकुमारी बहनों पर पुष्प बरसाऐ तथा सूरज नैनवाया ने आ मां आ तुझे दिल ने पुकारा गीत प्रस्तुत कर ब्रहमाकुमारी बहनों का सम्मान किया । कार्यक्रम के अन्त में 22 जोड़ों ने 22 ब्रहमाकुमारी तपस्वी बहनों का मानसम्मान कर भेंट पूजा से अभिनन्दन किया । कार्यक्रम समापन के पूर्व राजयोगिनी ब्रहमाकुमारी सविता दीदी ने अपना आशीर्वचन दिया तथा कार्यक्रम कर संचालन बी.के.सुरेन्द्र भाई ने किया । कार्यक्रम में आए हुए सभी 1500 से अधिक दर्शकों को पवित्र स्वल्पाहार करवाया गया ।