Neemuch City
मनासा नगर पंचायत परिषद के नवनिर्वाचित सदस्यों एवं जनपद सदस्यों ने जनहित में आपसी एकता से कार्य करने की शपथ ली
नीमच (मनासा) : नि:स्वार्थ जनहित के सेवाकार्यों के लिए निरन्तर समर्पित ब्रह्माकुमारी संस्थान के शिव सागर कॉलोनी, मनासा स्थित केन्द्र द्वारा सद्भावना सभागार में नवनिर्वाचित पार्षदों व जनपद सदस्यों के साथ ही आमंत्रित गणमान्य नागरिकों के लिए स्नेह मिलन एवं सम्मान समारोह आयोजित किया गया । इस कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए ब्रह्माकुमारी संस्थान के एरिया डायरेक्टर बी.के.सुरेन्द्र जैन ने सभा में उपस्थित लोगों की फरमाईश पर सबसे पहले अपने जीवन को तनाव मुक्त, व्यसन मुक्त एवं खुशहाल बनाने के लिए आत्मज्ञान एवं राजयोग मेडिटेशन की व्याख्या के साथ ही अनेक सरल टिप्स दिये जिनका कुछ समय नियमित अभ्यास कर अति व्यस्त एवं विकट परिस्थितियों में भी जीवन को आसान व तनाव मुक्त बनाया जा सकता है । बी.के.सुरेन्द्र भाई ने अपने उद्बोधन में बीच बीच में हल्के फुल्के हंसी एवं खुशहाली के मौके भी प्रदान किये । ब्रह्माकुमारी संस्थान की सबझोन संचालिका राजयोगिनी बी.के.सविता दीदी ने उपस्थित जनसमुदाय की मांग पर सबसे पहले रनिंग कॉमेन्ट्री में सकारात्मक संकल्प देकर राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास करवाया । जिससे संपूर्ण हॉल में गहन शांति व सन्नाटा छा गया व सभी लोग गहरी अनुभूतियों में खो गऐ ।
इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि नगर पंचाय परिषद के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष व पक्ष विपक्ष के समस्त पार्षदों के साथ नवनिर्वाचित जनपद सदस्यों ने भी अपने हाथ उठाकर जन हित में अपने भेदभाव भुलाकर, आपसी एकता, प्रेम व सद्भावनापूर्ण माहौल में परिषद व जनपद के सम्मेलन में जनहित व नगर के निर्णय पारित कर विकास कार्य करेंगे ।
इस सभा को नवनिर्वाचित नगर परिषद अध्यक्षा डॉ. सीमा तिवारी ने भी संबोधित करते हुए कहा कि ब्रह्माकुमारी संस्थान के इस गरिमामय कार्यक्रम में जो हमें प्रेरणाऐं दी गई हैं, उनको व्यवहारिक जीवन में अपनाकर जनसेवा के कार्य करेंगे ।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों के अलावा व्यापारी संघ के अध्यक्ष गजेन्द्र चौखड़ा, उपाध्यक्ष राकेश पाटीदार, भाजपा मण्डल उपाध्यक्ष अश्विन सोनी, जनपद उपाध्यक्ष मोहनलाल गुर्जर, वैश्य समाज के अध्यक्ष शिखर चन्द जैन, शिक्षा विभाग के संजय फरक्या, राजेश धनोतिया, पूर्व न.प.अध्यक्ष यशवंत सोनी आदि अन्य अनेक प्रतिष्ठित लोगों ने भाग लिया । कार्यक्रम का संचालन बी.के.वर्षा बहन ने किया ।
Neemuch City
हर घड़ी को अंतिम घड़ी समझ पुण्य कर्म करो – मातेश्वरी की शिक्षा
मातेश्वरी सरस्वती के 61वें पुण्य स्मृति दिवस पर बड़ी संख्या में ब्रह्मावत्स जुटे
नीमच : दि. 24 जून अन्तर्राष्ट्रीय शांतिदूत ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की प्रथम मुख्य प्रशासिका मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती के 61 वें स्मृति पुण्य दिवस पर ज्ञान मार्ग स्थित विशाल सद्भावना सभागार में कार्यक्रम आयोजित किया गया । यह कार्यक्रम ब्रह्ममुर्हूत्त से ही प्रारंभ हो गया । इस प्रात: कालीन आध्यात्मिक समागम में बहुत बड़ी संख्या में नीमच के ब्रह्मावत्सों ने भाग लिया । इस समागम में राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने अपने संबोधन में कहा कि ‘‘मातेश्वहरी जगदम्बा मम्मा ने परमात्मा की हर आज्ञा को शिरोधार्य कर अपने स्वरूप को उन शिक्षाओं के अनुसार ढाला । मातेश्व री मम्मा हमेशा ध्यान दिलाती थी कि हर घड़ी को अपनी अंतिम घड़ी समझ कर हर कर्म करें तो सदैव सुकर्म ही होंगे। आपने अपने दिव्य चाल चलन और चरित्र से लाखों ब्रह्मावत्सों के सामने उदाहरण प्रस्तुत किया एवं उनकी हर समस्या का समाधान भी दिया ।’’
लगभग दो घंटे चले इस विशाल आध्यात्मिक समागम में सामुहिक राजयोग ध्यान एवं सत्संग के साथ ही महाभोग का आयोजन भी रखा गया । कार्यक्रम के अंत में सभी को आत्म स्मृति का तिलक लगाकर महाभोग प्रसादी वितरित की गई ।
Neemuch
त्रिदिवसीय तनाव मुक्त खुशहाल जीवन शैली केम्प का समापन सम्पन्न
त्रिदिवसीय तनाव मुक्त खुशहाल जीवन शैली केम्प का समापन सम्पन्न
विधायक सहित अनेकानेक गणमान्य नागरिकों ने शिविर का लाभ लिया
नीमच : दि. 29.10.25 ‘‘सारे दिन में हम कितनों से मिलते हैं, लेकिन हम अपने आप से क्या कभी मिल पाते हैं, हम दूसरों से सम्बन्ध तो मधुर बनाने का प्रयास करते हैं, किन्तु हमें अपने आप से सम्बन्ध बनाने के लिए समय भी नहीं है.. समझ भी नहीं है.. न तो हम अपने मन को समझ पाते हैं और हर बात के लिए मन को दोषी ठहरा देते हैं, जबकि सबसे अच्छा दोस्त हमारा मन ही हो सकता है । लेकिन मन को तो हमने दुश्मन बनाके रखा है । इन सब नासमझियों का एक ही कारण है कि हम स्वयं को देह मानकर जीवन जी रहे हैं। जबकि वास्तविकता तो ये है कि ‘मैं’ अर्थात ही एक चैतन्य शक्ति आत्मा.. आत्मा का ज्ञान न होने से ही देह अभिमान के कारण ही हम और हमारी कर्मेन्द्रियां काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार के वशीभूत हो जाती हैं । जब आत्मा का सत्य ज्ञान प्राप्त हो जाता है तो आत्मा के मूल गुण ही सुख, शांति, प्रेम, आनन्द, पवित्रता, ज्ञान और शक्ति है, और इन्हीं गुणों की तलाश में मानव दर-दर भटक रहा है । राजयोग मेडिटेशन हमें ज्ञान के इन मूल तत्वों से अवगत करवाता है और परमात्मा से सम्बन्ध स्थापित करके सुख, शांति, आनन्द के खजानों से भरपूर बना देता है’’ उपरोक्त विचार हर हाल में खुशहाल शिविर के तीसरे व अंतिम दिन विश्व विख्यात प्रेरक वक्ता प्रो.ई.वी.गिरीश ने व्यक्त किये । प्रोफेसर गिरीश ने शिविर के अंतिम सत्र में राजयोग मेडिटेशन के विधि विधान से अवगत करवाते हुए 15 मिनिट तक अपने शब्दों की कॉमेन्ट्री द्वारा सुख, शांति, प्रेम व आनन्द की गहन अनुभूति भी करवाई ।
अंतिम सत्र के प्रारंभ में प्रोफेसर ई.वी.गिरीश, विधायक दिलीप सिंह परिहार, सिविल जज शोभना मीणा, राजयोगिनी बी.के.सविता दीदी, बी.के.सुरेन्द्र भाई, हार्टफुलनेस ग्रुप के राजमल व्यास, इंजिनियर बी.एल. गौर, पर्यावरण मित्र जगदीश शर्मा आदि ने दीप प्रज्जवलित कर सत्र का शुभारंभ किया। विधायक दिलीप सिंह परिहार ने सत्र के शुरू में अपने उद्बोधन में ब्रह्माकुमारी संस्थान के मानव उत्थान की की दिशा में विश्व व्यापी प्रयासों की सराहना की । शिविर के मध्यकाल में बी.के.सविता दीदी ने कॉमेन्ट्री देकर राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास करवाया। कार्यक्रम का संचालन बी.के.श्रुति बहन ने किया तथा आभार प्रदर्शन बी.के.सुरेन्द्र भाई ने किया ।

Neemuch
सेकेण्डरी स्कूल के 800 विद्यार्थियों को ‘डिजिटल डिटॉक्स’ कार्यक्रम देकर प्रो.गिरीश ने लाभान्वित किया
मोबाईल, टीवी के एडीक्शन से सचेत कर छात्रों को लक्ष्य प्राप्ति के लिए जागृत किया
नीमच : दि. 28.10.25 ‘‘हम सारे दिन में जो भी अच्छा या बुरा लगातार करते हैं मस्तिष्क उसको नहीं जानता किन्तु उन कार्यों को आगे के लिए सरल करता जाता है और ब्रेन एक इनसाईड पाथ वे बना देता है, यही हमारी एडिक्शन अर्थात आदत बन जाती है । यदि रात को थक कर रिलेक्स होने के लिए मोबाईल देखकर सोना चाहते हैं तो ब्रेन रिलेक्स होने के बजाए सुपर एक्टिव हो जाता है तथा रात्रि को नींद के लिए आवश्यक हारमोन ‘मेलाटॉनिन’ का बनना एकदम कम कर देता है, जिससे आगे चलकर अनिद्रा की बीमारी बढ़ती चली जाती है । स्क्रीन की ब्लू लाईट आंखों पर दुष्प्रभाव डालती है जिसका मस्तिष्क पर भी बहुत बुरा असर होता है ।’’ उपरोक्त जानकारियाँ सेकेण्डरी स्कूल 800 से अधिक विद्यार्थियों को दो सेशन के कार्यक्रमों में प्रोफेसर ई.वी.गिरीश ने अपने उद्बोधन से प्रदान की ।
प्रोफेसर गिरीश ने हंसी और खेल खेल में विद्यार्थियों को ‘मार्शमेलो इफेक्ट’ से अवगत करवाया जिसमें खाने की स्वादिष्ट मिठाई देकर आत्म नियंत्रण का परीक्षण किया गया । कुछ ने तुरंत खाई, कुछ ने थोड़े समय बाद लेकिन कुछ विद्यार्थिंयों ने आत्मनियंत्रण रखकर पुरूस्कार जीतने तक नहीं खाई । इन सभी का कुछ वर्षों बाद सर्वे करने पर पता चलता है कि आत्म नियंत्रण वाले विद्यार्थी सर्वाधिक सफल पाए गए । उनका आत्मनियंत्रण मेडिटेशन के परिणाम स्वरूप था ।
प्रोफेसर ई.वी.गिरीश ने आज की पीढ़ी के स्वभाव को समझाते हुए बताया कि ये वर्ग इंस्टेंट ग्रेटिफिकेशन अर्थात परिणाम चाहे जो हो उनके मन को तत्काल संतुष्टि चाहिए, इसीलिए फास्ट फूड, विभिन्न प्रकार के नशे के आदि होकर अपने जीवन से खिलवाड़ कर रहे हैं । आपने सभी विद्यार्थियों को शार्प मेमोरी का खेल खिलाते हुए 15 चीजों के नाम सुनाऐ जिन्हें अपने ब्रेन में नोट कर रिपीट करना था, किन्तु उसमें कोई विद्यार्थी पास नहीं हुआ, तब प्रोफेसर गिरीश ने इन्हीं चीजों को एक छोटी सी स्टोरी से जोड़कर सुनाया तो लगभग सभी विद्यार्थी उन चीजों के नाम दोहराने में सफल हुए । आपने लोकप्रिय ओटीटी प्लेटफार्म नेटफ्लिक्स के सी.ई.ओ. का उदाहरण देकर बताया कि नेटफ्किक्स की सबसे बड़ा प्रतिद्वंदी नींद है, इसलिए अपने एपिसोड एैसे बनाते हैं जिससे अगले एपीसोड का बेताबी से इंतजार रहता है । और इस प्रकार सोश्यल मिडिया हमारे स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ कर रहा है । प्रोफेसर गिरीश ने सबको सावधान करते हुए समझाया कि आज की छात्र पीढ़ी के लिए स्कूलों में आध्यात्मिक कार्यक्रमों को प्राथमिकता दी जानी चहिए, क्योंकि हर विद्यार्थी स्कूल से मिला सबक उम्रभर याद रखता है ।
एक रिसर्च का हवाला देकर प्रो.गिरीश ने बताया कि ब्रह्ममुहुर्त्त में 3.30 बजे से 4.30 बजे के मध्य मस्तिष्क में बेस्ट हार्मोन्स उत्सर्जित होते हैं । यदि उस समय जागृत अवस्था में मेडिटेशन किया जाए तो स्वास्थ्य को बहुत लाभ मिलता है । इस कार्यक्रम में सम्मिलित होने वाले कार्मल कान्वेंट और क्रिएटिव माइण्ड स्कूल के लगभग 800 सेकेण्डरी विद्यार्थियों से प्रोफेसर गिरीश ने गुरूदक्षिणा के रूप में पांच वचनों की मांग की जिसमें पहली अपनी माँ से रोज एक बार प्यार से लिपट जाना, दूसरा अपने पापा के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लेना, तीसरा रात को सोते समय और सुबह उठते समय परमात्मा का स्मरण कर उनसे गुडनाईट और गुडमार्निंग करना, अपने स्कूल के शिक्षकों और स्टॉफ से आदर पूर्वक नमस्ते करना तथा पांचवा अपने छोटे भाई बहनों से लड़ाई झगड़ा न करके प्यार से व्यवहार करना ..।
कार्यक्रम का संचालन बी.के.श्रुति बहन ने किया तथा अंत में सभी को पवित्र प्रसादी प्रदान की गई ।
-
Neemuch2 years agoब्रह्माकुमारीज़ ‘पावन धाम’ में स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया गया
-
jeeran2 years agoब्रह्माकुमारीज़ जीरन (नीमच) में पवित्र रक्षाबंधन कार्यक्रम
-
Neemuch2 years agoविधायक, भाजपा जिलाध्यक्ष, नपा अध्यक्ष एवं ब्रह्माकुमारी सविता दीदी आदि के आतिथ्य में पुष्प पौधारोपण किया गया ।
-
Jawad2 years ago -
Neemuch2 years agoसी.आर.पी.एफ. की महिलाओं के लिए तनाव मुक्ति एवं मेडिटेशन कार्यक्रम
-
Neemuch2 years agoगुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर दिव्य सत्संग व राजयोग तपस्या का कार्यक्रम
-
Neemuch1 year agoआर.टी.सी. की महिला प्रशिक्षुओं के लिए तनाव मुक्ति कार्यशाला सम्पन्न
-
Rampura2 years agoशिक्षक दिवस पर ब्रह्माकुमारी संस्थान पर 100 से अधिक शिक्षकों का सम्मान














































