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राजयोग की है ये कमाल  .. ब्रेन ट्यूमर में भी खुशहाल..

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नीमच :  दि. 1 फरवरी -2019  सन् 1993 में ब्रह्माकुमारी संस्थान के प्रमुख सेवक राजयोगी बी.के.सुरेन्द्र भाई ब्रेन ट्यूमर जैसी घातक बीमारी से पीड़ित हुए । डॉ. एल.बी.एस. चौधरी एवं डॉ. किशोर नरूला आदि ने तब उनका चेकअप कर उन्हें अहमदाबाद रेफर किया । जहां शाह कैंसर हास्पिटल में  लगभग  माह तक भर्ती करके सुप्रसिद्ध न्यूरो सर्जन डॉ. पी.आर.ठाकोर, डॉ. पंकज एम.शाह, डॉ. सचिन अल्मेल, डॉ. भारत जे. पारिख, डॉ.आशा एस. आनन्द आदि की टीम ने  लगातार प्रयास करके उनकी चिकित्सा की । किन्तु ब्रेन में 9 से अधिक ट्यूमर होने के कारण बीमारी नियंत्रण में नहीं आ पाई और धीरे–धीरे बी.के.सुरेन्द्र भाई की हालत बिगड़ती गई । उनके शरीर के बायें हिस्से पर  लकवा हो गया । आंखों से दिखाई देना और जबान से बोलना  लगभग समाप्त सा हो गया । सारा शरीर शिथिल पड़ गया एवं गर्दन बांईं और झुककर कंधे से चिपक गई । तब थक हार कर सभी डॉक्टर्स ने यह कहकर उन्हें अस्पताल से छुट्टी दी कि अब किसी भी ईलाज से इनका ठीक हो पाना संभव नहीं है । अब आप केवल ईश्वर से प्रार्थना करें, एैसी स्थिती में सुरेन्द्र भाई अपनी देह त्याग का मन बनाकर ब्रह्माकुमारी संस्थान के मुख्यालय माउण्ट आबू लौटे और वहीं रहकर राजयोग मेडिटेशन के निरंतर अभ्यास से अपनी पीड़ाओं पर नियंत्रण करके अपनी देह त्याग का इंतजार करने लगे । किन्तु 1 फरवरी 1994 को एक चमत्कारी घटना हुई जब माउण्ट आबू स्थित ओम शान्ति भवन के विशाल हॉल में लगभग 5000 लोगों की उपस्थिति में ब्रह्माकुमारी संस्थान की वरिष्ठ  राजयोगिनी दादी हृदयमोहिनी जी के तन में स्वयं भू निराकार परमपिता परमेश्वर शिवबाबा की प्रवेशता हुई एवं जब उनके सम्मुख बी.के.सुरेन्द्र भाई को तीन चार लोग  उठाकर मंच पर ले गए तभी मंच पर एक दिव्य प्रकाश उनको अपने मस्तिष्क पर महसूस हुआ और वे लड़खड़ाकर नीचे गिर गए कुछ समय पश्चात्  ब्रह्माकुमारी संस्थान की तत्कालिन मुख्य प्रशासिका आदरणीया प्रकाशमणि दादी जी ने सुरेन्दर भाई कहकर जब पुकारा और उनके मस्तक पर परकाया प्रवेशित परमात्मा द्वारा प्रदत्त पीला  गुलाब  लगाकर घुमाया तो सुरेन्द्र भाई अचानक हड़बड़ाकर बिना किसी सहारे के एक झटके से खड़े हो गए । उनकी गर्दन टेढ़ी से बिल्कुल सीधी हो गई एवं बिना किसी दवाई के उत्तरोत्तर वे स्वस्थ होते चले गए तथा 1 फरवरी 2019 को जब इस चमत्कारी ईश्वरीय अनुकम्पा के 25 वर्ष पूर्ण हुए तो ब्रह्माकुमारी संस्थान के ज्ञान मार्ग स्थित विशाल सद्भावना सभागार में एक सिल्वर जुबली  का संक्षिप्त  समारोह सम्पन्न हुआ जिसमें राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सविता बहनजी के नेतृत्व में 25 ब्रह्माकुमारी बहनों ने सुरेन्द्र भाई को बधाईयां दी एवं दीप प्रज्जवलन करके केक सेरेमनी की गई तथा सभा में बड़ी संख्या में उपस्थित बी.के.भाई बहनों ने सुरेन्द्र भाई का अभिनन्दन किया । इस अवसर पर भाजपा विधायक दिलीपसिंह परिहार, वरिष्ठ पत्रकार एवं कांग्रेस के प्रादेशिक महासचिव सुरेन्द्र सेठी आदि ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज करवाकर सुरेन्द्र भाई को शुभकामनाए दी । अंत में सभी को पवित्र प्रसाद भी वितरित किया गया ।

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राजयोग का निरंतर अभ्यास नशा मुक्त बना देता है – सविता बहन

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राजयोग का निरंतर अभ्यास नशा मुक्त बना देता है – सविता बहन
नशा मुक्त भारत अभियान के तहत स्वयंसेवकों का प्रशिक्षण सम्पन्न
नीमच : दि. 27.6.26, ‘‘राजयोग मेडिटेशन का निरंतर अभ्यास व दिव्य सत्संग निश्चित रूप से नशा मुक्त कर देता है, इसके प्रमाण स्वरूप सारे विश्वग में लाखों लोगों ने किसी भी प्रकार के नशे की लत से छुटकारा पाया है । नीमच में भी नशा मुक्ति केन्द्र के अन्तर्गत भर्ती होने वाले नशे के आदी रोगियों को निरंतर राजयोग मेडिटेशन से बहुत लाभ पहुंचा और वे नशा मुक्त होकर अच्छा जीवन यापन कर रहे हैं ।’’ उपरोक्त विचार ब्रह्माकुमारी संस्थान की सबझोन संचालिका राजयोगिनी बी.के.सविता दीदी ने नशामुक्त भारत अभियान के तहतजिला पंचायत भवन में आयोजित जिला स्तरीय वॉलंटियर्स प्रशिक्षण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्यक्त किये । इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्नव स्वयं सेवी संस्थाओं के प्रमुख व्यक्ति एवं जिले के अन्य प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी आदि उपस्थित थे । इस कार्यक्रम की ट्रेनर ब्रह्माकुमारी श्रुति बहन ने नशे के दुष्प्रभावों से जागरूक करते हुए चेताया ‍कि ‘‘न सिर्फ नशे के रोगियों पर हम ध्यान दें बल्कि जो आने वाली बाल व युवा पीढ़ी है इनको भी जागरूक करना होगा । हावर्ड युनिवर्सिटी की रिसर्च में यह पाया गया कि युवा पीढ़ी जल्दी नशे की और आकर्षित होती है, अत: इनको बचाने के सामाजिक उपायों के साथ साथ आध्यात्मिक उपाय भी नितांत आवश्यक हैं।’’ श्रुति बहन ने एक जानकारी देते हुए बताया कि भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 24 जून को ब्रह्माकुमारी संस्था को लिखे अपने एक पत्र में ब्रह्माकुमारी संस्थान द्वारा चलाये जा रहे नशामुक्त भारत अभियान की सफलता की कामना करते हुए कहा कि ‘‘ब्रह्माकुमारीज आध्यात्मिक जागरूकता, मूल्य आधारित शिक्षा, ध्यान तथा जन जागरूकता अभियान के माध्यम से नशा मुक्ति के संदेश को देश भर के विद्यालयों, महा विद्यालयों, गांव-गांव में तथा समाज के हर समुदाय तक पहुंचा रही है । प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में ब्रह्माकुमारीज़ के इस महान नशामुक्ति अभियान से जुड़े सभी स्वयं सेवकों तथा नागरिकों को सफलता की शुभकामनाऐं दी ।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में अन्य संस्थाओं ने भी अपने विचार व्यक्त किये ।

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हर घड़ी को अंतिम घड़ी समझ पुण्य कर्म करो – मातेश्वरी की शिक्षा

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मातेश्वरी सरस्वती के 61वें पुण्य स्मृति दिवस पर बड़ी संख्या में ब्रह्मावत्स जुटे
नीमच : दि. 24 जून अन्तर्राष्ट्रीय शांतिदूत ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय की प्रथम मुख्य प्रशासिका मातेश्वरी जगदम्बा सरस्वती के 61 वें स्मृति पुण्य दिवस पर ज्ञान मार्ग स्थित विशाल सद्भावना सभागार में कार्यक्रम आयोजित किया गया । यह कार्यक्रम ब्रह्ममुर्हूत्त से ही प्रारंभ हो गया । इस प्रात: कालीन आध्यात्मिक समागम में बहुत बड़ी संख्या में नीमच के ब्रह्मावत्सों ने भाग लिया । इस समागम में राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने अपने संबोधन में कहा कि ‘‘मातेश्वहरी जगदम्बा मम्मा ने परमात्मा की हर आज्ञा को शिरोधार्य कर अपने स्वरूप को उन शिक्षाओं के अनुसार ढाला । मातेश्व री मम्मा हमेशा ध्यान दिलाती थी कि हर घड़ी को अपनी अंतिम घड़ी समझ कर हर कर्म करें तो सदैव सुकर्म ही होंगे। आपने अपने दिव्य चाल चलन और चरित्र से लाखों ब्रह्मावत्सों के सामने उदाहरण प्रस्तुत किया एवं उनकी हर समस्या का समाधान भी दिया ।’’
लगभग दो घंटे चले इस विशाल आध्यात्मिक समागम में सामुहिक राजयोग ध्यान एवं सत्संग के साथ ही महाभोग का आयोजन भी रखा गया । कार्यक्रम के अंत में सभी को आत्म स्मृति का तिलक लगाकर महाभोग प्रसादी वितरित की गई ।

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राजयोग मानसिक व शारीरिक रूप से स्वस्थ बनाता है – सविता दीदी

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राजयोग मानसिक व शारीरिक रूप से स्वस्थ बनाता है – सविता दीदी
नीमच : ‘‘जहाँ एक और योग और प्राणायाम का अपना महत्व है वहीं दूसरी और राजयोग मेडिटेशन अपने आप में शारिरीक, मानसिक व बौद्धिक विकास के लिए संपूर्ण योग है । योग का अर्थ है दो का मिलन, राजयोग में चैतन्य आत्मा का सर्वशक्तिवान परमात्मा से मिलन होता है, जिससे व्यक्ति का निजी, पारिवारिक व सामाजिक जीवन सुख, शान्ति सम्पन्न होकर चरित्र को भी उचांईयां प्रदान करता है । उक्त विचार ब्रह्माकुमारी संस्थान की सबझोन संचालिका राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी सविता दीदी ने ‘पावन धाम’ के विशाल सद्भावना सभागार की विशाल छत पर ठंडी शीतल बयार में संध्या से रात्रि तक चली गहन राजयोग तपस्या के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए व्यक्त किये । इस राजयोग तपस्या कार्यक्रम में दो घण्टे से अधिक संपूर्ण एकाग्रता व गहन शांति के अनुभवों के साथ बड़ी संख्या में ब्रह्मावत्सों ने शिरकत की । बी.के.सविता दीदी द्वारा आत्मस्मृति का तिलक प्रदान किया गया तथा बी.के.सुरेन्द्र भाई ने माउण्ट आबू के प्रसाद से सभी का मुंह मीठा करवाया । कार्यक्रम का संचालन बी.के.श्रुति बहन ने किया ।

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Brahma Kumaris Neemuch